सांसद से गवर्नर पद तक... अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में कौन-कौन से भारतवंशी ठोक रहे ताल?
अमेरिका में कई मौकों पर भारतवंशी नेताओं ने अपनी दमदार राजनीतिक उपस्थिति से इतिहास रच दिया है। ऐसे में अब ...और पढ़ें
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अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में भारतीवंशियों का बढ़ता कद।
HighLights
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में भारतवंशियों की बढ़ती भागीदारी।
रो खन्ना, प्रमिला जयपाल जैसे दिग्गज फिर चुनाव मैदान में।
विवेक रामास्वामी जैसे नए चेहरे गवर्नर पद की दौड़ में।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका की राजनीति में सियासी गर्माहट सातवें आसमान है। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के ठीक बीच में होने वाले मध्यावधि चुनाव है। यह चुनाव कल यानी 3 नवंबर, 2026 को हो रहे हैं। इन चुनावों में अमेरिकी संसद की प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर फैसले होने हैं।
इसके इतर इस चुनाव में दिलचस्प बात यह है कि इस बार अमेरिकी राजनीति में भारतवंशियों का दबदबा और प्रभाव पहले से कहीं अधिक मजबूत नजर आ रहा है। कैलिफोर्निया से लेकर वाशिंगटन, टेक्सस, फ्लोरिडा और ओहियो तक, भारतीय मूल के कई जाने-माने चेहरे अमेरिकी कांग्रेस से लेकर गवर्नर और स्थानीय मेयर पद तक की दौड़ में ताल ठोक रहे हैं।
ऐसे में अब सवाल है कि कौन-कौन से भारतीय हैं, जो कि अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं? उनका राजनीति करियर कैसा रहा है? और सबसे बड़ा सवाल वे कौन सी पार्टी से हैं?
अमेरिकी संसद में दोबारा वापसी की जंग लड़ने वाले पुराने दिग्गजों
अमेरिकी संसद में पहले से ही अपनी मजबूत पहचान बना चुके कई भारतीय-अमेरिकी नेता इस बार भी चुनाव मैदान में हैं।
कैलिफोर्निया से रो खन्ना- डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रगतिशील विंग के बड़े चेहरे रो खन्ना कैलिफोर्निया के 17वें कॉर्डिनेट्स सिलिकॉन वैली के कुछ हिस्सों से दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। उनके दादा भारत के एक स्वतंत्रता सेनानी थे जो महात्मा गांधी के साथ जेल में रहे थे। रो खन्ना वर्तमान ट्रंप प्रशासन की नीतियों के मुखर आलोचक माने जाते हैं।
वाशिंगटन से प्रमिला जयपाल- चेन्नई में जन्मीं और केरल से ताल्लुक रखने वाली प्रमिला जयपाल वाशिंगटन के 7वें जिले से मैदान में हैं। साल 2020 में वह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी जाने वाली दूसरी भारतीय-अमेरिकी महिला बनी थीं। हाल ही में भारत में मतदाता सूचियों से नाम हटाने को लेकर उनके बयानों पर भारत सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया भी दी थी, जिससे वह चर्चा में आई थीं।
कैलिफोर्निया से डॉ. अमी बेरा- पेशे से डॉक्टर और गुजराती मूल के अमी बेरा कैलिफोर्निया के तीसरे जिले से डेमोक्रेट उम्मीदवार के रूप में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वह कांग्रेस में पहुंचने वाले तीसरे भारतीय-अमेरिकी थे और भारत-अमेरिका के रिश्तों को मजबूत करने में उन्होंने हमेशा अहम भूमिका निभाई है।
सुहास सुब्रमण्यम ने रचा था इतिहास- साल 2024 में वर्जीनिया और पूर्वी तट से कांग्रेस के लिए चुने जाने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी बनकर इतिहास रचने वाले सुहास सुब्रमण्यम इस बार भी अपनी सीट सुरक्षित करने के लिए चुनाव मैदान में हैं।
बड़े कार्यकारी पदों और गवर्नरी की रेस में नए और कड़े मुकाबले
अच्छा, गौर करने वाली बात यह भी है कि इस बार के चुनावों में केवल सांसद ही नहीं, बल्कि राज्यों के शीर्ष पदों पर भी भारतीय मूल के नेता अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।
ओहियो गवर्नर पद के उम्मीदवार विवेक रामास्वामी- रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से विवेक रामस्वैमी ओहियो के गवर्नर पद के लिए मैदान में हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन से उन्होंने मई में प्राइमरी चुनाव जीता था। बायोटेक और फाइनेंस की दुनिया से ताल्लुक रखने वाले और 'डोगे' (DOGE) विभाग के पूर्व सह-प्रमुख रहे विवेक रामस्वैमी अमेरिका के सबसे चर्चित युवा नेताओं में गिने जाते हैं।
न्यू यॉर्क से अटॉर्नी जनरल के लिए सरिता कोमातिरेड्डी- हार्वर्ड से पढ़ीं और पूर्व संघीय अभियोजक रहीं सरिता कोमातिरेड्डी न्यू यॉर्क से अटॉर्नी जनरल पद की रिपब्लिकन उम्मीदवार हैं। उन्होंने अपने करियर में अल कायदा, आईएसआईएस और ड्रग तस्करों के खिलाफ कई हाई-प्रोफाइल मामलों की पैरवी की है।
स्थानीय निकाय और अन्य महत्वपूर्ण सीटों पर भारतीय चेहरे
लॉस एंजिलिस से मेयर चुनाव के लिए नित्या रमन- हार्वर्ड और एमआईटी से पढ़ीं शहरी योजनाकार (Urban Planner) नित्या रमन लॉस एंजिलिस के मेयर पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं। वह पहले ही लॉस एंजिलिस सिटी काउंसिल में चुनी जाने वाली पहली दक्षिण एशियाई महिला बनकर इतिहास रच चुकी हैं।
टेक्सस से पूजा सेठी और संदीप श्रीवास्तव- टेक्सास विधानसभा चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से पूजा सेठी डिस्टर्ब 47 और व्यवसायी संदीप श्रीवास्तव डिस्टर्ब 66 भी कड़े मुकाबले में हैं।
फ्लोरिडा से पिया डंडिया और एरिजोना से अमीश शाह- इसके अलावा फ्लोरिडा से शिक्षा के मुद्दों पर चुनाव लड़ रहीं पिया डंडिया और एरिजोना के पहले जिले से डेमोक्रेट उम्मीदवार डॉ. अमीश शाह भी इस चुनावी समर के मुख्य आकर्षण हैं।
अमेरिकी राजनीति में बदलते समीकरण के मायने भी समझिए
गौरतलब है कि ये मध्यावधि चुनाव केवल राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के लिए ही नहीं, बल्कि अमेरिका के भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने के लिए भी एक बड़ी परीक्षा हैं।
इन चुनावों में भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या यह साबित करती है कि अब अमेरिका में बसे भारतीय सिर्फ डॉक्टर, इंजीनियर या व्यवसायी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे देश की नीति-निर्धारण और सत्ता के सर्वोच्च सिंहासन तक अपनी सीधी पहुंच बना रहे हैं।
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