विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अमरिका: इडाहो में शिकारियों ने एक ही दिन में मार डाले 12 भेड़िये के बच्चे, सरकार ने दिए फंड; अब उठे गंभीर सवाल

Published: Sat, 07 Nov 2026 11:21 PM (IST)

अमेरिका के इडाहो राज्य में तीन शिकारियों ने एक ही दिन में 12 नवजात भेड़िए के बच्चों को गोली मार ...और पढ़ें

(AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर)

(AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. इडाहो में 12 नवजात भेड़िए के बच्चों की हत्या।

  2. सरकारी फंड से शिकारियों को मिला डेढ़ लाख रुपये।

  3. वन्यजीव विशेषज्ञों ने क्रूरता पर जताया कड़ा विरोध।

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमरीका के इडाहो राज्य से एक बेहद चौंकाने वाली और संवेदनशील खबर सामने आई है। राज्य के उत्तरी हिस्से में तीन अलग-अलग शिकारियों ने मिलकर सिर्फ एक ही दिन में 12 नन्हे भेड़िए के बच्चों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया।

हैरानी की बात यह है कि इन सभी हत्याओं के बदले शिकारियों को सरकारी और टैक्स के पैसों से फंड मिलने वाले प्रोग्राम के तहत प्रत्येक पिल्ले पर लगभग डेढ़ लाख रुपये से अधिक तक का भुगतान किया गया है।

कितनी थी भेड़ियों क उम्र?

बता दें कि इन नन्हें भेड़िओं की उम्र महज 1 से 3 हफ्ते के थे, यानी पूरी तरह नवजात और दूधमुंहे। अधिकारियों के मुताबिक ये इतने छोटे थे कि इनके दांत भी नहीं आए थे, जिससे इनकी उम्र का सटीक अनुमान लगाना मुश्किल था।

सरकारी रिकॉर्ड में इन हत्याओं को 'स्टॉकिंग' यानी छुपकर नजदीक जाना और गोली मारना बताया गया है। लेकिन वन्यजीव विशेषज्ञों ने इस दावे को पूरी तरह खारिज किया है।

फंडिंग और रीइंबर्समेंट क्यों?

गौर करने वाली बात यह है कि इस पूरे प्रोग्राम को फंड जनता के टैक्स के पैसों, शिकार के लाइसेंस की बिक्री और 'फाउंडेशन फॉर वाइल्डलाइफ मैनेजमेंट' नाम के गैर-लाभकारी संगठन द्वारा मिलकर चलाया जाता है। इडाहो का 'वुल्फ डिप्रेडेशन कंट्रोल बोर्ड' इन दावों की देखरेख करता है।

ऐसे में इस घटना के सामने आने के बाद दुनिया भर के वन्यजीव विशेषज्ञों और कार्यकर्ताओं में भारी गुस्सा है। पूर्व अधिकारी कार्टर नीमेयर और येलोस्टोन के पूर्व वुल्फ प्रोग्राम प्रमुख डग स्मिथ ने कहा कि एक ही दिन में छुपकर 12 पिल्लों को मारना असंभव है। उनका मानना है कि शिकारियों ने जरूर मांद का पता लगाया होगा, क्योंकि इस उम्र के पिल्ले मांद के बाहर आसानी से मिल जाते हैं और उन्हें पकड़ना या मारना बेहद आसान होता है।

दूसरी ओर विशेषज्ञों का कहना है कि पूरे के पूरे पिल्लों के एक साथ मारे जाने से भेड़ियों का पूरा झुंड (Pack) बिखर सकता है और वे उस इलाके से गायब हो सकते हैं। प्रेडेटर डिफेंस के डायरेक्टर ब्रूक्स फाह्री ने इस प्रोग्राम को एक अभिशाप बताया और कहा कि जनता के टैक्स के पैसों का इस्तेमाल इस तरह मासूम जीवों की हत्या के लिए होना बेहद शर्मनाक है।

सरकार का क्या कहना है?

मामले में इडाहो फिश एंड गेम के जीवविज्ञानी कोरी मोस्बी के अनुसार, राज्य का लक्ष्य इस साल वसंत ऋतु में भेड़ियों की आबादी को घटाकर लगभग 650 पर लाना है जो 2019 में करीब 1,600 थी और हाल ही में 1,100 से अधिक आंकी गई थी।

अधिकारियों का तर्क है कि इस लक्ष्य को पाने के लिए हर साल एक तिहाई से ज्यादा भेड़ियों को कम करना जरूरी है, जिसके लिए इस तरह के छूट वाले नियम बनाए गए हैं। हालांकि, वन्यजीव प्रेमियों का मानना है कि नवजात पिल्लों को इस तरह बेरहमी से मारना और उस पर सरकारी पैसे लुटाना वन्यजीव संरक्षण के नाम पर एक बड़ा कलंक है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।