होर्मुज मिशन पर अमेरिका को झटका, दो दिन में रुका ट्रंप का 'प्रोजेक्ट फ्रीडम', सऊदी का एयरबेस देने से इनकार
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच अमेरिका का 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' होर्मुज स्ट्रेट में सऊदी अरब द्वारा एयरबेस के इस्तेमाल की ...और पढ़ें

प्रोजेक्ट फ्रीडम दो दिन में रुका खाड़ी देशों ने अमेरिका से बनाई दूरी (फाइल फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में कायम तनाव के बीच अमेरिका द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए शुरू किए गए 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को दो दिन के अंदर ही रोकना पड़ गया।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा कि यह फैसला पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध पर लिया गया है। हालांकि, अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी अरब द्वारा अमेरिकी सैन्य विमानों को अपने एयरबेस और हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस अभियान पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया।
बताया गया कि ट्रंप ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बातचीत भी की, लेकिन किसी सहमति तक नहीं पहुंच सके। हालांकि सऊदी सूत्रों ने यह स्वीकार नहीं किया कि वे अमेरिकी योजना से नाराज थे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड 'सेंटकाम' का दावा है कि दो दिन में तीन जहाज होर्मुज से निकल सके थे।
अमेरिकी विमानों को नहीं मिली अनुमति
एनबीसी न्यूज ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि ट्रंप प्रशासन ने होर्मुज से मालवाहक जहाजों को सैन्य सुरक्षा देने की योजना बनाई थी। इसके तहत अमेरिकी विमानों और नौसैनिक संसाधनों का इस्तेमाल होना था। हालांकि सऊदी अरब ने रियाद के दक्षिण-पूर्व में स्थित प्रिंस सुल्तान एयरबेस के उपयोग और अमेरिकी विमानों को अपने एयरस्पेस से उड़ान भरने की अनुमति देने से इन्कार कर दिया।
इसके बाद अभियान को आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया। अमेरिकी दावे और खाड़ी देशों की अलग तस्वीरव्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने दावा किया कि अमेरिकी अभियान की जानकारी क्षेत्रीय सहयोगी देशों को पहले ही दे दी गई थी।
हालांकि पश्चिम एशिया के एक राजनयिक ने एनबीसी न्यूज से कहा कि अमेरिका ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' की सार्वजनिक घोषणा के बाद ही ओमान के साथ समन्वय किया। राजनयिक के मुताबिक, अमेरिका ने पहले घोषणा की और बाद में हमसे संपर्क किया।
ईरान-अमेरिका तनाव से खाड़ी देशों की दूरी
इस घटनाक्रम से संकेत मिलता है कि खाड़ी क्षेत्र के कई देश अमेरिका और ईरान के बीच सीधे टकराव से दूरी बनाए रखना चाहते हैं और सैन्य कार्रवाई की बजाय कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता दे रहे हैं।ईरान ने जहाजों को सहायता देने की पेशकश कीउधर, ईरान ने भी होर्मुज स्ट्रेट में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
ईरान के बंदरगाह एवं समुद्री संगठन ने गुरुवार को घोषणा की कि वह होर्मुज और आसपास के क्षेत्र में संचालित व्यापारिक जहाजों को समुद्री, तकनीकी और चिकित्सीय सहायता देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
इसके लिए जहाजों को निकटतम ईरानी बंदरगाह के वेसल ट्रैफिक सर्विस (वीटीएस) केंद्र से संपर्क करना होगा। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के अनुसार, यह संदेश जहाजों के कप्तानों तक औपचारिक समुद्री संचार माध्यमों से पहुंचाया जा रहा है।
