विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

ईरान के हमलों से मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों को भारी नुकसान? सैटेलाइट तस्वीरों में 15 बेस पर तबाही का दावा

Published: Thu, 07 May 2026 06:00 PM (IST)

मध्य पूर्व में ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों से अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान हुआ है, जिसका खुलासा सैटेलाइट तस्वीरों और वॉशिंगटन पोस्ट की जांच से हुआ है।

कतर की सैटेलाइट से ली गई तस्वीर,  क्रेडिट- सोशल मीडिया

कतर की सैटेलाइट से ली गई तस्वीर, क्रेडिट- सोशल मीडिया

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा जारी सैटेलाइट तस्वीरों और वॉशिगटन पोस्ट की जांच के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों में पहले से कहीं ज्यादा नुकसान पहुंचाया है।

रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद से मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिका के कम-से-कम 15 सैन्य ठिकानों पर 228 ढांचे या सैन्य उपकरण क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए हैं।

किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?

सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण में सामने आया कि ईरानी हमलों में अमेरिकी बेसों के कई अहम सैन्य ढांचे प्रभावित हुए।

  • एयरक्राफ्ट हैंगर
  • सैनिक बैरक
  • फ्यूल डिपो
  • एयर डिफेंस सिस्टम
  • रडार और कम्युनिकेशन सिस्टम
  • सैन्य विमान
  • सैटेलाइट कम्युनिकेशन साइट्स

रिपोर्ट के मुताबिक, कतर के अल-उदीद एयर बेस स्थित सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेंटर को नुकसान पहुंचा। वहीं बहरीन और कुवैत में मौजूद पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी हमलों की चपेट में आए।

IRAN

अमेरिकी नुकसान पहले से ज्यादा?

वॉशिगटन पोस्टt की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी सरकार ने अब तक जितना नुकसान स्वीकार किया था, वास्तविक क्षति उससे कहीं अधिक हो सकती है।

रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि कुछ सैन्य ठिकाने इतने असुरक्षित हो गए थे कि वहां सामान्य संख्या में सैनिक तैनात रखना मुश्किल हो गया। इसके चलते कई बेसों से सैनिकों को हटाकर सुरक्षित इलाकों में भेजा गया।

रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से ईरानी हमलों में कम-से-कम 7 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है। इनमें 6 सैनिक कुवैत और 1 सऊदी अरब में मारा गया। इसके अलावा 400 से ज्यादा सैनिक घायल बताए गए हैं।

सैटेलाइट तस्वीरों पर रोक का आरोप

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मार्च के मध्य से मध्य पूर्व की हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरें हासिल करना मुश्किल हो गया। वजह यह बताई गई कि दो बड़ी सैटेलाइट कंपनियां — Vantor और Planet Labs — अमेरिकी सरकार के अनुरोध पर इलाके की तस्वीरों के प्रकाशन को “सीमित, विलंबित या रोक” रही हैं।

अमेरिकी सरकार इन कंपनियों की सबसे बड़ी ग्राहक मानी जाती है। ऐसे में मीडिया के लिए ईरानी जवाबी हमलों का स्वतंत्र आकलन करना कठिन हो गया।

हालांकि, ईरानी सरकारी मीडिया लगातार सोशल मीडिया पर हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें जारी करता रहा। शुरुआत में इन तस्वीरों को लेकर फर्जी होने की आशंका जताई गई, लेकिन Washington Post ने अपनी जांच में इनमें से 109 तस्वीरों की सत्यता की पुष्टि की।

Iran attacks

जांच में क्या मिला?

अखबार ने यूरोपीय यूनियन के सैटेलाइट सिस्टम और Planet Labs की उपलब्ध तस्वीरों से तुलना कर कई तस्वीरों को सत्यापित किया। जांच में किसी भी तस्वीर के साथ छेड़छाड़ के सबूत नहीं मिले।

  • 217 सैन्य ढांचे क्षतिग्रस्त हुए
  • 11 सैन्य उपकरण नष्ट या प्रभावित हुए
  • कुल 15 अमेरिकी सैन्य साइट्स प्रभावित हुईं


रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह नुकसान दिखाता है कि अमेरिका ने ईरान की ड्रोन और मिसाइल क्षमता को कम आंका। सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) के वरिष्ठ सलाहकार और रिटायर्ड मरीन कर्नल मार्क कैंसियन ने कहा कि ईरानी हमले बेहद सटीक थे। कहीं भी ऐसे यादृच्छिक गड्ढे नहीं दिखे जो मिसाइल चूकने का संकेत दें।

ईरान के दावे

ईरान ने दावा किया है कि उसके हमलों में जॉर्डन और UAE में THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम, कतर की दूसरी सैटेलाइट साइट, सऊदी अरब में E-3 Sentry विमान और एक एयर-रिफ्यूलिंग टैंकर भी प्रभावित हुए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

यह भी पढ़ें- अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी हमलों ने मचाई रिपोर्ट से कहीं ज्यादा तबाही, सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा

यह भी पढ़ें- 'जल्द से जल्द होर्मुज खोले ईरान', अराघची से बोला चीन; अब क्या करेगा तेहरान?