वाशिंगटन, प्रेट्र। अमेरिका में चुनावी तैयारियों के बीच भारतवंशी महिला सारा गिदोन और हीरल तिपिरनेनी अपने-अपने क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही हैं। अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी प्रतिनिधि सभा के लिए एरिजोना प्रांत से हीरल ने पहली बाधा पार कर ली है। डेमोक्रेटिक पार्टी से उम्मीदवारी को लेकर हुए प्राइमरी चुनाव में हीरल ने जबरदस्त जीत हासिल की। अब निर्णायक मुकाबला रिपब्लिकन प्रत्याशी व वर्तमान सांसद डेविड स्वेकर्ट से होगा। हीरल पेशे से चिकित्सक हैं ।

उधर, उच्च सदन सीनेट के लिए मेन प्रांत से एक सीट पर होने वाले चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी से प्रत्याशी के तौर पर 48 वर्षीय सारा गिदोन का रास्ता साफ हो गया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ ही डेमोक्रेट राष्ट्रपति उम्मीदवार जो बिडेन ने भी गिदोन के नाम का समर्थन किया है। हालिया सर्वे में सीनेटर व रिपब्लिकन प्रत्याशी सुसन कॉलिंस के मुकाबले गिदोन ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया। गिदोन वर्तमान में प्रांतीय एसेंबली की अध्यक्ष हैं।

चुनावी चंदा जुटाने में ट्रंप ने बिडेन को पीछे छोड़ा

रिपब्लिकन पार्टी के समर्थकों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव अभियान को पंगु बनाने की कोशिशों को नाकाम कर दिया है। जुलाई में पार्टी समर्थकों ने ट्रंप के सामने पैसों का ढेर लगा दिया है। ट्रंप अब अपने प्रचार पर प्रतिद्वंद्वी से ज्यादा खर्च कर सकते हैं।

तीन नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए ट्रंप कैंपेन व सहयोगी समूहों ने सिर्फ जुलाई में ही 165 मिलियन डॉलर ([करीब 12.36 अरब रपये)] जुटाए हैं। इसी महीने में डेमोक्रेटिक प्रत्याशी जो बिडेन सिर्फ 140 मिलियन डॉलर ([करीब 10.48 अरब रपये)] ही जुटा पाए। इससे चुनाव के अंतिम दौर में ट्रंप को थो़़डा लाभ मिल सकता है। 

अब ट्रंप और उनके समर्थक समूहों के पास विज्ञापन व अन्य मदों में खर्च करने के लिए 300 मिलियन डॉलर ([करीब 22.47 अरब रपये)] हैं। जबकि, बिडेन सिर्फ 294 मिलियन डॉलर ([करीब 22.02 अरब रपये)] ही खर्च कर पाएंगे। दोनों पार्टियों का सम्मेलन भी इसी महीने होना है।

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