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PAK अब भी आतंकियों का गढ़, भारत के खिलाफ साजिश रच रहे कई संगठन; US रिपोर्ट ने खोली पोल

Published: Sat, 28 Mar 2026 03:14 PM (IST)

अमेरिकी कांग्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, सैन्य अभियानों और नीतिगत प्रयासों के बावजूद पाकिस्तान से आतंकवादी समूह अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए हैं।

HighLights

  1. सैन्य प्रयासों के बावजूद पाकिस्तान से आतंकी गतिविधियां जारी।

  2. अमेरिका-संयुक्त राष्ट्र नामित आतंकी समूहों को हराने के प्रयास विफल।

  3. लश्कर-जैश जैसे भारत-केंद्रित समूह पाकिस्तान से सक्रिय।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इस हफ्ते जारी एक कांग्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि सालों तक चले सैन्य अभियानों और नीतिगत उपायों के बावजूद आतंकवादी समूह पाकिस्तान से अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है, "अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित उन कई आतंकवादी समूहों को हराने के प्रयास विफल रहे हैं, जो अभी भी पाकिस्तानी धरती से अपनी गतिविधियां चला रहे हैं।"

आतंकी ग्रुपों को 5 श्रेणियों में किया गया विभाजित

रिपोर्ट में कहा गया है कि ये समूह पांच मुख्य श्रेणियों में आते हैं- वैश्विक स्तर पर सक्रिय, अफगानिस्तान-केंद्रित, भारत और कश्मीर-केंद्रित, घरेलू मामलों पर केंद्रित, और सांप्रदायिक संगठन।

क्या है सीआरएस?

सीआरएस अमेरिकी कांग्रेस की एक स्वतंत्र शोध शाखा है, जो कांग्रेस के सदस्यों को सोच-समझकर फैसले लेने में मदद करने के लिए अलग-अलग मुद्दों पर समय-समय पर रिपोर्ट तैयार करती है। इसकी रिपोर्टों को कांग्रेस का आधिकारिक रुख नहीं माना जाता है।

पाकिस्तान पर सीआरएस की रिपोर्ट में बताया गया है कि सूची में शामिल 15 समूहों में से 12 को अमेरिकी कानून के तहत 'विदेशी आतंकवादी संगठन' घोषित किया गया है और इनमें से ज्यादातर इस्लामी चरमपंथी विचारधारा से प्रेरित हैं।

खुद भी आतंक से प्रभावित पाकिस्तान

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पाकिस्तान इस समय आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित देश है जो 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद उग्रवाद के फिर से उभरने को दर्शाता है। वैश्विक स्तर पर सक्रिय समूहों में, अल-कायदा इस क्षेत्र में अभी भी सक्रिय है। हालांकि इसका मुख्य ढांचा काफी कमजोर हो चुका है और यह अन्य उग्रवादी संगठनों के साथ गठबंधन बनाए हुए है।

इस्लामिक स्टेट की क्षेत्रीय शाखा इस्लामिक स्टेट-खोरासान प्रांत के पास अनुमानित 4,000-6,000 लड़ाके हैं और यह अफगानिस्तान और पाकिस्तान में सक्रिय है, जिसमें अन्य उग्रवादी समूहों के पूर्व सदस्य शामिल हैं। हक्कानी नेटवर्क सीमा पार से अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए है। इस नेटवर्क में कई सौ मुख्य सदस्य और अनुमानित 3,000-5,000 हथियारबंद उग्रवादी हैं और इसका नाम अफगानिस्तान में हुए कई हमलों से जुड़ा रहा है।

भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले आंतकी ग्रुप सक्रिय

सीआरएस के अनुसार, भारत पर केंद्रित कई समूह अभी भी सक्रिय हैं। 2008 के मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार लश्कर-ए-तैयबा और 2001 में भारतीय संसद पर हुए हमले से जुड़ा जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान की धरती से अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए हैं और कश्मीर की स्थिति को बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

घरेलू स्तर पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को पाकिस्तान में सक्रिय सबसे खतरनाक आतंकवादी समूह बताया गया है। इसके पास अनुमानित 2,500-5,000 लड़ाके हैं और इसका घोषित लक्ष्य पाकिस्तानी सरकार को उखाड़ फेंकना और शरिया कानून लागू करना है।

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