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'अल्पसंख्यकों के खिलाफ उत्पीड़न का पैटर्न', शिया समुदाय पर असीम मुनीर के बयान पर भारत ने जताई आपत्ति

Published: Fri, 27 Mar 2026 11:40 PM (IST)

पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर द्वारा की गई हालिया टिप्पणियों की भारत ने शुक्रवार को कड़ी निंदा की। मुनीर ...और पढ़ें

शिया समुदाय पर असीम मुनीर के बयान पर भारत ने जताई आपत्ति (फोटो- एक्स)

शिया समुदाय पर असीम मुनीर के बयान पर भारत ने जताई आपत्ति (फोटो- एक्स)

HighLights

  1. पाक का अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों की रक्षा के मामले में पाकिस्तान का बेहद खराब रिकॉर्ड है

  2.  पाकिस्तान आज तक अपने अपराधों को मानने से इनकार करता रहा है

आईएएनएस, नई दिल्ली। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर द्वारा की गई हालिया टिप्पणियों की भारत ने शुक्रवार को कड़ी निंदा की। मुनीर ने कुछ दिन पहले कहा था कि कि ईरान के प्रति सहानुभूति रखने वालों को वहीं बस जाना चाहिए।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि इस तरह की टिप्पणियां शिया समुदाय सहित अल्पसंख्यकों के खिलाफ पाकिस्तान में लंबे समय से चले आ रहे उत्पीड़न के पैटर्न दर्शाती हैं।

अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों की रक्षा के मामले में पाकिस्तान का बेहद खराब रिकार्ड है, जिसके बारे में विस्तार से बताने की आवश्यकता नहीं है।

बांग्लादेश की न्याय की मांग का भारत ने किया समर्थन1971 में ऑपरेशन सर्चलाइट के दौरान पाकिस्तान द्वारा किए गए नरसंहार के लिए बांग्लादेश द्वारा न्याय की मांग का भी भारत ने समर्थन किया है।

रणधीर जायसवाल ने कहा, हम सभी ऑपरेशन सर्चलाइट के दौरान पाकिस्तान द्वारा किए गए अत्याचारों से अवगत हैं। अत्याचारों के कारण लाखों बांग्लादेशी लोगों को अपना देश छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। वे शरणार्थी बनकर भारत आए। ये अत्याचार, पूरी दुनिया के अंतरात्मा को झकझोरने वाले थे। हालांकि, पाकिस्तान आज तक अपने अपराधों को मानने से इनकार करता रहा है। हम न्याय की बांग्लादेश की इच्छा का समर्थन करते हैं।

गौरतलब है कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने 25 मार्च, 1971 की घटनाओं को नरसंहार और देश के इतिहास के सबसे क्रूर अध्यायों में से एक बताया था।

ने बुधवार को पाकिस्तानी सेना द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान मारे गए लोगों की याद में नरसंहार दिवस मनाया।

इस बीच बांग्लादेश के साथ द्विपक्षीय संबंधों के महत्व पर जोर देते हुए, जायसवाल ने कहा कि दोनों पक्षों की बातचीत जारी है। भारत न केवल बांग्लादेश के साथ अपने बहुआयामी संबंधों को बनाए रखना चाहता है, बल्कि उन्हें और मजबूत करना चाहता है।