संयुक्त राष्ट्र, एपी। अमेरिका व कई यूरोपीय देशों ने बुधवार को उत्तर कोरिया के हालिया मिसाइल परीक्षणों की निंदा की। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया की प्रौद्योगिकी में प्रगति यह रेखांकित करती है कि उसके परमाणु व मिसाइल कार्यक्रम तथा आर्थिक गतिविधियों पर संयुक्त राष्ट्र के पूर्ण प्रतिबंधों को तत्काल लागू करने की जरूरत है। अमेरिकी राजदूत लिंडा थामस ग्रीनफील्ड ने उत्तर कोरिया से उसके उकसावे पर रोक लगाने की अपील की, जो सुरक्षा परिषद प्रतिबंध प्रस्तावों का उल्लंघन करते हैं।

संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को लागू करने की अपील

अमेरिकी राजदूत ने कहा कि उत्तर कोरिया को बिना किसी पूर्व शर्त, कोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन के साथ बातचीत शुरू करनी चाहिए। थामस ग्रीनफील्ड ने सभी देशों से संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों के पूर्ण क्रियान्वयन की अपील करते हुए कहा, '..ताकि हम उत्तर कोरिया की कोष व प्रौद्योगिकी तक पहुंच रोक पाएं, जिसकी उसे व्यापक विनाश के लिए गैरकानूनी हथियार बनाने व बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों के लिए जरूरत है।'

उकसावे की कार्रवाई बताया

सुरक्षा परिषद में यूरोपीय संघ के तीन सदस्य आयरलैंड, फ्रांस व एस्टोनिया ने एक अलग बयान में कहा कि पनडुब्बी से दागे जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण की खबरें उत्तर कोरिया के हालिया उकसावे का ही हिस्सा हैं।

उत्तर कोरिया से सकारात्‍मक जवाब की मांग

तीनों देशों ने भी उत्तर कोरिया से अमेरिका व दक्षिण कोरिया के साथ वार्ता के प्रस्ताव पर सकारात्मकता से जवाब देने की अपील की। उधर, संयुक्त राष्ट्र के 15 सदस्यीय निकाय सुरक्षा परिषद ने सहायक महासचिव मुहम्मद खालिद खियारी के नेतृत्व में उत्तर कोरिया के हालिया मिसाइल परीक्षणों पर एक बैठक की, लेकिन फिलहाल कोई बयान नहीं जारी किया गया है।

अमेरिका को निशाना बनाना उद्देश्य नहीं : उत्तर कोरिया

पनडुब्बी से प्रक्षेपित किए जाने वाले बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण के बाद अमेरिका समेत अन्य देशों के निशाने पर आए उत्तर कोरिया ने गुरुवार को कहा कि मंगलवार को किया गया मिसाइल परीक्षण आत्मरक्षा के लिए है, न कि अमेरिका को निशाना बनाने के लिए। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने यह बयान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के मद्देनजर जारी किया।