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UN को मिलेगी पहली महिला महासचिव? 81 साल का इतिहास बदलने की तैयारी

Published: Mon, 28 Sep 2026 11:25 PM (IST)

अगले संयुक्त राष्ट्र महासचिव के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसमें पहली बार किसी महिला के इस पद पर चुने जाने की संभावना पर बहस छिड़ गई है।

अगले संयुक्त राष्ट्र महासचिव के चयन की प्रक्रिया शुरू हुई

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डिजिटल डेस्क, न्यूयॉर्क। अगले संयुक्त राष्ट्र महासचिव के चयन की प्रक्रिया आम सभा की बहस में शुरू हो चुकी है। इसमें वैश्विक नेताओं ने मजबूत नेतृत्व की मांग की है। जबकि बहामा ने एक कैरेबियाई राजनयिक का समर्थन किया, जो 81 साल पुराने वैश्विक निकाय की पहली महिला प्रमुख बन सकती हैं।

बहामा के पीएम फिलिप डेविस ने गुयाना की संयुक्त राष्ट्र राजदूत कैरोलिन रोड्रिग्स-बिर्केट को समर्थन दिया। उनका कहना है कि संगठन की स्थापना के बाद से सभी नौ महासचिव पुरुष रहे। कैरेबियाई देश से किसी ने ये पद नहीं संभाला है।

रोड्रिग्स-बिर्केट को औपचारिक रूप से गुयाना द्वारा नामित किया गया था और उन्होंने जून में संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों के साथ एक संवाद में भाग लिया।

अगले महासचिव को एक ऐसे संगठन का नेतृत्व करना होगा जो यूरोप, पश्चिम एशिया और अफ्रीका में युद्धों, वित्तीय दबाव, भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और सुरक्षा परिषद की कार्यक्षमता पर बढ़ते सवालों का सामना कर रहा है।

81 साल का इतिहास बदलने की तैयारी

एंटोनियो गुटेरेस 2026 के अंत में दो पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा करने के बाद सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनका उत्तराधिकारी एक जनवरी, 2027 को पद ग्रहण करेगा।

जर्मनी, फ्रांस, अमेरिका, चीन, ब्राजील समेत कई देशों के नेताओं ने आम सभा के अपने भाषणों में उन गुणों और प्राथमिकताओं का वर्णन किया, जिनकी वे आने वाले संयुक्त राष्ट्र प्रमुख से अपेक्षा करते हैं।

जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडेफुल ने कहा कि अगले महासचिव को संगठन के व्यापक सुधार का नेतृत्व करना चाहिए। चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग ने कहा कि चार्टर की रक्षा करनी चाहिए। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों बोले-अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था व "जंगल के कानून की वापसी" के बीच विकल्प तलाशना है।

सुरक्षा परिषद की सहमति जरूरी

ये मांगें अगले महासचिव को संयुक्त राष्ट्र के भविष्य के बड़े संघर्ष के केंद्र में रखती हैं। इसमें लैंगिकता का प्रश्न नया आयाम जोड़ता है। वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय पदों पर महिलाओं के अधिक प्रतिनिधित्व की मांगों के बावजूद 1945 में संगठन की स्थापना के बाद से कोई महिला संयुक्त राष्ट्र महासचिव के रूप में कार्य नहीं कर सकी।

चयन सुरक्षा परिषद की सिफारिश के बाद आम सभा करती है। चूंकि परिषद के प्रत्येक पांच स्थायी सदस्य एक उम्मीदवार को रोक सकते हैं, इसलिए चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका के बीच सहमति आवश्यक है।

(न्यूज एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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