अमीर और गरीब देशों के बीच की खाई हुई और गहरी, यूएन की रिपोर्ट में खुलासा; क्या है कारण?
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, अमीर और गरीब देशों के बीच असमानता तेजी से बढ़ रही है। इसका मुख्य कारण घटती आर्थिक मदद, बढ़ते टैरिफ और वैश्विक तनाव हैं।

अमीर और गरीब देशों के बीच की खाई हुई और गहरी(सांकेतिक फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट में वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर गंभीर चेतावनी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार अमीर और गरीब देशों के बीच असमानता तेजी से बढ़ रही है और इसके पीछे तीन बड़े कारण सामने आए हैं घटती आर्थिक मदद, बढ़ते टैरिफ और वैश्विक तनाव।
रिपोर्ट बताती है कि 2025 में 25 देशों ने गरीब देशों को दी जाने वाली सहायता में कटौती की, जिससे कुल मदद में 23 फीसदी की गिरावट आई। यह अब तक की सबसे बड़ी कमी है। सबसे ज्यादा असर अमेरिका की ओर से मदद घटने का रहा, जिससे कमजोर अर्थव्यवस्थाओं पर सीधा दबाव बढ़ा।
2030 तक विकास लक्ष्य हासिल करना मुश्किल
दूसरी बड़ी वजह बढ़ते टैरिफ हैं। गरीब देशों पर औसत टैरिफ नौ फीसदी से बढ़कर 28 फीसदी तक पहुंच गया है, जबकि अन्य विकासशील देशों के लिए यह 19 फीसदी तक हो गया।
इससे उनका निर्यात प्रभावित हुआ और आर्थिक रफ्तार धीमी पड़ गई। इसके अलावा, ईरान से जुड़े तनाव सहित बढ़ते वैश्विक संघर्षों ने हालात और खराब किए हैं।
आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टलीना जार्जीएवा ने भी माना है कि वैश्विक विकास की उम्मीदें कमजोर हुई हैं। रिपोर्ट साफ कहती है कि अगर जल्द सुधार नहीं हुए तो 2030 तक विकास लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो जाएगा।
(समाचार एजेंसी एपी के इनपुट के साथ)
