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अमेरिका-ईरान में तनाव के बीच UN का ऑपरेशन, होर्मुज में फंसे 11 हजार नागरिकों को निकालने का काम शुरू

Published: Wed, 24 Jun 2026 11:52 AM (IST)

संयुक्त राष्ट्र की इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन ने होर्मुज स्ट्रेट में फंसे 11,000 से अधिक नाविकों को निकालने के लिए एक ...और पढ़ें

होर्मुज में फंसे लोगों को निकालने के लिए यूएन का ऑपरेशन। (फाइल फोटो)

होर्मुज में फंसे लोगों को निकालने के लिए यूएन का ऑपरेशन। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. संयुक्त राष्ट्र ने होर्मुज स्ट्रेट में बचाव अभियान शुरू किया।

  2. 11,000 से अधिक नाविकों को सुरक्षित निकाला जाएगा।

  3. अमेरिका-ईरान समझौते के बाद भी जलडमरूमध्य पर विवाद।

डिजिटल डेस्क, संयुक्त राष्ट्र। युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद संयुक्त राष्ट्र की इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) ने होर्मुज स्ट्रेट में फंसे 11,000 से ज्यादा नाविकों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर एक ऑपरेशन शुरू किया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईएमओ के सेक्रेटरी-जनरल आर्सेनियो डोमिंग्वेज ने कहा कि यह ऑपरेशन ईरान, ओमान, इस इलाके के दूसरे तटीय देशों, अमेरिका और मैरीटाइम इंडस्ट्री के साथ मिलकर किया जा रहा है।

'अच्छी तरह से कर ली गई जांच-पड़ताल'

डोमिंग्वेज ने कहा, "हमने जरूरी सुरक्षा गारंटी हासिल कर ली है और इन ऑपरेशन्स को सपोर्ट करने के लिए सुरक्षित नेविगेशन की शर्तों की अच्छी तरह से जांच-पड़ताल कर ली है।" यह कदम उस अहम समुद्री रास्ते में महीनों तक आई रुकावट के बाद उठाया गया है, जिसे 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान ने बंद कर दिया था।

होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर विवाद

भले ही जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे फिर से शुरू हो रही है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य के भविष्य के प्रशासन को लेकर असहमति बनी हुई है। संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फिर से कहा कि किसी भी अंतिम समझौते के तहत ईरान को इस जलमार्ग का इस्तेमाल करने वाले जहाजों पर टोल लगाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

रुबियो ने कहा, "यह एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है। किसी भी देश को अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर टोल या फीस वसूलने की इजाजत नहीं है।" हालांकि, ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेरी गालीबाफ का कहना है कि भविष्य में रुकावटों को रोकने के लिए बातचीत के रास्ते बनाने के समझौतों के बावजूद होर्मुज कभी भी युद्ध से पहले वाली स्थिति में वापस नहीं लौटेगा।

वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत जारी रहने के साथ ही नियंत्रण, आवाजाही के अधिकार और संभावित ट्रांजिट शुल्क का मुद्दा विवाद का मुख्य बिंदु बने रहने की उम्मीद है।

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