न्यूयॉर्क, एजेंसी। अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर के मौके पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अफगानिस्तान में तालिबान को माध्यमिक और उच्च शिक्षा के लिए लड़कियों पर लगाई गई पाबंदी को हटाने की अपील की है। गुटेरेस ने शिक्षा को मौलिक अधिकार बताते हुए कहा कि अब सभी देशों के लिए यह समय है कि वे सभी के लिए स्वागत और समावेशी सीखने के माहौल को विकसित करने के लिए वास्तविक कदम उठा सकें।

भेदभावपूर्ण कानूनों को खत्म करने का समय

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, "अब सभी भेदभावपूर्ण कानूनों और प्रथाओं को समाप्त करने का भी समय है, जो शिक्षा तक पहुंच में बाधा डालते हैं। मैं विशेष रूप से लड़कियों के लिए माध्यमिक और उच्च शिक्षा तक पहुंच पर अपमानजनक और आत्म-पराजित प्रतिबंध को उलटने के लिए अफगानिस्तान में वास्तविक अधिकारियों का आह्वान करता हूं।"

गुटेरेस ने ट्विटर पर लिखा, "शिक्षा में रुकावट डालने वाले सभी भेदभावपूर्ण कानूनों और प्रथाओं खत्म करने का अब समय आ गया है।"

अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2023 की थीम

संयुक्त राष्ट्र की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि इस साल के अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस की थीम हमें 'लोगों में निवेश करने, शिक्षा को प्राथमिकता देने' की याद दिलाती है। टोलो न्यूज ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2023 को अफगान लड़कियों और महिलाओं को समर्पित करने का फैसला किया है।

क्या कहती है यूनेस्को की रिपोर्ट?

UNESCO के अनुसार, तालिबानी शासन में 80 प्रतिशत स्कूली उम्र की अफगान लड़कियां और युवा महिलाएं स्कूल नहीं जा पा रही हैं। दरअसल, लड़कियों को माध्यमिक विद्यालयों और विश्वविद्यालयों तक पहुंच से वंचित कर दिया गया है।

20 दिसंबर को लगा था प्रतिबंध

गौरतलब है कि तालिबानी सरकार ने 20 दिसंबर को एक आदेश जारी किया था। आदेश में सरकारी और निजी दोनों विश्वविद्यालयों में महिलाओं का जाना बंद कर दिया गया। तालिबान के शिक्षा मंत्री निदा मोहम्मद नादिम ने कहा था कि विश्वविद्यालयों में लड़के-लड़कियों के मेलजोल को रोकने के लिए यह कदम उठाया जाना आवश्यक है।

Edited By: Manish Negi

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