वॉशिंगटन, एजेंसी । पाकिस्‍तान का तुर्की प्रेम जगजाहिर है। उसने पाकिस्‍तान का आंख बंद करके साथ निभाया है। भारत-पाकिस्‍तान के विवादों में वह हमेशा पाक के साथ खड़ा रहा है। मध्‍य एशिया में तुर्की एकलौता राष्‍ट्र था, जिसने कश्‍मीर मसले पर पाकिस्‍तान का खुल कर समर्थन दिया है। हालांकि, तुर्की के परमाणु बम बनाने के ऐलान ने पूरी दुनिया को हैरत में डाल दिया है। इससे एक बार फ‍िर पाकिस्‍तान सुर्खियों में है। यह उम्‍मीद की जा रही है कि परमाणु बम बनाने में पाकिस्‍तान उसकी मदद करेगा। तुर्की के परमाणु बम निर्माण की खबर ऐसे समय आई है, जब उत्तर सीरिया में उसके हमले जारी हैं और कुर्दों की ह‍िफाजत को लेकर अमेरिका चिंतित है। वह अमेरिका के कोप का शिकार भी हो चुका है। ऐसे में अमेरिका की तुर्की के परमाणु बम बनाने की चिंता लाजमी है।

एर्दोगन के बयान के बाद वॉशिंगटन में तेज हुई हलचल

तुर्की के राष्‍ट्रपति रेसेप तैयब एर्दोगन के इस बयान के बाद अमेरिका में खलबली है। न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स ने सोमवार को अपनी एक रिपोर्ट में अमेरिकी नीतियों पर सवाल उठाते हुए लिखा है कि अगर अमेरिका तुर्की के हमलों से कुर्दों की रक्षा करने में अक्षम है तो वह कैसे उसको परमाणु बम बनाने से रोक सकता है। इस रिपोर्ट में कहा गया है परमाणु संपन्‍न तुर्की मध्‍य एशिया के लिए शांति और स्थिरता के लिए खतरनाक है।

शंका की डोर, पाक से गहरी दोस्‍ती

पाकिस्‍तान इसलिए भी सवालों के घेरे में है, क्‍योंकि 15 वर्ष पूर्व पाकिस्‍तान के परमाणु तस्‍कर अब्‍दुल कादिर खान ने कहा था कि उसने कुछ देशों को परमाणु तकनीक बेची है। हालांकि, हाल में इस मामले में रूस का भी नाम सामने आया था कि वह तुर्की को परमाणु तकनीक बेच सकता है। ऐसे में जब एक बार फ‍िर तुर्की में परमाणु बम बनाने की चर्चा गरम है तो पाकिस्‍तान पर शक की सुई घूमना लाजमी है। बता दें कि तुर्की के राष्‍ट्रपति ने परमाणु बन बनाने की इच्‍छा जाहिर की है।

बेवहज नहीं है पाक पर शंका

  • तुर्की की परमाणु बन बनाने तैयारी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने यूरेनियम का भंडार जमा किया हुआ है। उसने रिएक्‍टरों पर भी काम करना शुरू कर दिया है।
  • तुर्की की परमाणु बम बनाने वाली कंपनियां अब्‍दुल कादिर खान को यूरोप से परमाणु सामग्रियों को आयात करने में मदद करती है। 
  • पाकिस्‍तान पर शंका निराधार नहीं है। इसके पहले भी पाकिस्‍तान पर आरोप है कि उत्तर कोरिया, ईरान और लीबिया को परमाणु तकनीक बेच चुका है। माना जा रहा है कि तुर्की अब चौथा देश होगा। 

Posted By: Ramesh Mishra

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