ईरान पर आर-पार के मूड में ट्रंप, कहा- आसान या मुश्किल फैसले का वक्त; तेहरान ने दिया जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को ईरान पर 'आसान या मुश्किल' फैसला लेना है, क्योंकि ईरान बर्बाद हो चुका है।

ट्रंप ने कहा, ईरान पर आसान या मुश्किल फैसला लेना होगा

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डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि हमें ईरान के बारे में एक फैसला लेना है। ईरान बर्बाद हो चुका है। इसलिए सवाल बस यह है कि यह आसान तरीका होगा या मुश्किल तरीका। हम इसे आसान या मुश्किल तरीके से करेंगे।
दूसरी तरफ, ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलीबाफ ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य तब तक नहीं खुलेगा जब तक कि अमेरिका के साथ जून में हुए अंतरिम समझौते में तय की गई ईरान की सात शर्तें पूरी नहीं हो जातीं।
ट्रंप की यह ताजा टिप्पणी ईरान पर अमेरिका के लगातार दबाव के बीच आई है, जिसमें तेहरान को परमाणु क्षमता हासिल करने से रोकना अमेरिकी नीति का मुख्य आधार बना हुआ है।
इससे पहले टेक्सास में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा था कि ईरान के सामने यह तय करने का मौका है कि यह टकराव कैसे खत्म होगा। ईरान का मामला बहुत जल्द किसी न किसी तरह खत्म हो जाएगा। और जब यह खत्म होगा, तो तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी।
रायटर के अनुसार, ईरान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान एक प्रस्ताव पेश किया था। इसके तहत शर्तें पूरी होने पर होर्मुज जलडमरूमध्य को सात दिनों के भीतर फिर से खोला जा सकता है और समुद्री आवाजाही सामान्य की जा सकती है।
ईरान के मुख्य वार्ताकार गलीबाफ के हवाले से सरकारी मीडिया ने रविवार को कहा कि वाशिंगटन को यह समझना चाहिए कि राजनयिक प्रक्रिया को लंबा खींचने और एकतरफा मांगें थोपने का दौर अब खत्म हो चुका है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान ने मध्यस्थों के जरिये अमेरिकी जवाब पर अपना रुख साफ कर दिया है। हमने उनसे कहा है कि फिलहाल हमारा ध्यान होर्मुज पर है। इस जलमार्ग में सुरक्षा बहाल करने के लिए अमेरिका को स्पष्ट कदम उठाने होंगे।
उन्होंने इस बात से इन्कार किया कि तेहरान ने अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील के बदले संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था द्वारा अपने परमाणु संयंत्रों के निरीक्षण का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने कहा कि ईरान ने वाशिंगटन के साथ परमाणु मुद्दों पर कोई बातचीत शुरू नहीं की है।
आईएएनएस के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि सरकार ने देश की स्थिति से निपटने के लिए एक नई व्यवस्था अपनाई है। साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान पर आर्थिक दबाव डालने की कोशिशें अपने मकसद में नाकाम रही हैं। ईरानी जनता के समर्थन से सरकार ने दुश्मन को अपना लक्ष्य हासिल करने से रोक दिया है।
तेहरान में विभिन्न देशों के राजदूतों को संबोधित करते हुए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका के साथ टकराव का कोई सैन्य या प्रतिबंध-आधारित समाधान नहीं है। तनाव खत्म करने का एकमात्र तरीका कूटनीति है।
(न्यूज एजेंसी ANI के इनपुट के साथ)
