कमांडर-इन-चीफ के लुक में दिखे डोनल्ड ट्रंप, ईरान समझौते से ठीक पहले शेयर की AI वाली फोटो
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर AI द्वारा बनाई गई अपनी एक तस्वीर साझा की है, जिसमें वे ...और पढ़ें

ट्रंप ने शेयर की AI वाली तस्वीर
HighLights
ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर AI तस्वीर साझा की
तस्वीर में ट्रंप शक्तिशाली कमांडर-इन-चीफ के रूप में
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एआई (AI) द्वारा बनाई गई तस्वीर साझा की है। जिसमें ट्रंप को एक खास और शक्तिशाली सैन्य अंदाज में दिखाया गया है। इस तस्वीर में ट्रंप युद्धपोतों और लड़ाकू विमानों के बीच 'कमांडर-इन-चीफ' की भूमिका में नजर आ रहे हैं।
ट्रंप ने इस तस्वीर के साथ एक कैप्शन भी लिखा है, 'You're getting discombobulated' जिसका हिंदी में मतलब है 'आप भ्रमित हो रहे हैं।'
तस्वीर में क्या है खास?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप द्वारा शनिवार को पोस्ट की गई इस तस्वीर में उन्हें 'कमांडर-इन-चीफ' के अंदाज में दिखाया गया है। तस्वीर में ट्रंप एक युद्धपोत के डेक पर खड़े होकर दूरबीन से समंदर की लहरों को निहार रहे हैं।
बैकग्राउंड में अमेरिकी युद्धपोतों का एक बेड़ा उबड़-खाबड़ पानी में एक साथ उड़ान भरता हुआ दिखाई दे रहा है, जबकि कई लड़ाकू विमान आकाश में एक सममित चाप में तेजी से उड़ते हुए सफेद धुएं के निशान छोड़ते नजर आ रहे हैं। जहाजों पर लगे अमेरिकी झंडे और सुनहरी सूर्यास्त की बैकग्राउंड इस तस्वीर को और भी रोचक बना दे रही है।
अमेरिका-ईरान के बीच समझौता होने की उम्मीद
दरअसल, ट्रंप ने यह तस्वीर ऐसे समय में शेयर की है, जब वह दावा कर रहे हैं कि आज यानी रविवार को ईरान के साथ रविवार को एक ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जो उसे भविष्य में परमाणु हथियार हासिल करने से रोकेगा।
इससे पहले, ट्रंप ने कहा था कि रविवार को एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने वाले हैं, और यह परमाणु हथियारों के खिलाफ एक दीवार का काम करेगा, जो यह सुनिश्चित करेगा कि ईरान के पास भविष्य में परमाणु हथियार न हों।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि अगर यह समझौता सफल नहीं होता है, तो अमेरिका के पास एक अंतिम विकल्प है। उन्होंने कहा कि बराक हुसैन ओबामा का ईरान के साथ हुआ समझौता, जेसीपीओए, परमाणु हथियार हासिल करने का एक आसान, सुंदर और सुगम रास्ता था, जो ईरान को छह साल पहले ही मिल गया होता और उसने इसका इस्तेमाल बहुत पहले ही कर लिया होता।
ईरान के साथ मेरा समझौता इसके बिल्कुल विपरीत है- परमाणु हथियार न बनने देने वाली दीवार! वास्तव में, अब वे परमाणु हथियार नहीं चाहते और न ही वे इसे खरीद, विकास या किसी अन्य तरीके से हासिल करेंगे। समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर होने वाले हैं और हस्ताक्षर होते ही होर्मुज जलडमरूमध्य सभी के लिए खुल जाएगा।
ईरान तुरंत समझौते से कर रहा इनकार
हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर तुरंत होने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह रविवार को नहीं होगा और संभवतः आने वाले दिनों में होगा। (समाचार एजेंसी ANI के इनपुट के साथ)
