विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

क्या बराक ओबामा को किया गया गिरफ्तार? ट्रंप ने वीडियो पोस्ट कर कहा- कानून से ऊपर कोई नहीं; सच्चाई आई सामने

Published: Mon, 21 Jul 2025 08:29 AM (IST)Updated: Mon, 21 Jul 2025 08:51 AM (IST)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को FBI एजेंटों ...और पढ़ें

ट्रंप ने ओबामा की गिरफ्तारी का AI वीडियो पोस्ट किया (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
ट्रंप ने ओबामा की गिरफ्तारी का AI वीडियो पोस्ट किया (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

HighLights

  1. ट्रंप ने ओबामा की फर्जी गिरफ्तारी वाला AI वीडियो किया पोस्ट
  2. ओबामा को हथकड़ी और जेल में दिखाया गया, ट्रंप की हो रही आलोचना

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें दिखाया गया है कि FBI एजेंट ओबामा को गिरफ्तार कर रहे हैं।

हालांकि, यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है। वीडियो की शुरुआत में ओबामा को यह कहते हुए दिखाया गया है, "राष्ट्रपति कानून से ऊपर नहीं है।" इसके बाद कई अमेरिकी नेताओं के बयान दिखते हैं जो बोल रहे हैं- "कानून से ऊपर कोई नहीं है।"

कैदी की वर्दी में दिखे ओबामा

वीडियो में दिखाय गया है कि दो एजेंट ओबामा को हथकड़ी पहना रहे हैं और ट्रंप वहीं पास में बैठे मुस्कुराते नजर आ रहे हैं। वीडियो के अंत में ओबामा को जेल में कैदी की वर्दी में दिखाया गया है। इस वीडियो के साथ ट्रंप ने साफ नहीं किया है कि यह वीडियो फर्जी है।

ट्रंप द्वारा बिना किसी स्पष्टिकरण के यह वीडियो पोस्ट करना कई लोगों को गंभीर रूप से गैर-जिम्मेदाराना लगा। आलोचकों का कहना है कि ऐसा वीडियो से आम जनता गुमराह हो सकती है। यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब ट्रंप ने हाल ही में ओबामा पर चुनावी धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे।

तुलसी गबार्ड का दावा

कुछ दिन पहले अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) तुलसी गबार्ड ने दावा किया था कि उनके पास सबूत हैं जो यह दिखाते हैं कि 2016 में ओबामा प्रशासन के कुछ लोगों ने ट्रंप और रूस के बीच झूठी साजिश की कहानी गढ़ी थी।

गबार्ड ने कहा कि यह कोशिश ट्रंप को राष्ट्रपति बनने से रोकने के लिए की गई थी और यह अमेरिकी लोकतंत्र के खिलाफ एक साजिश थी। उन्होंने कहा, "अब अमेरिकियों को सच्चाई पता चलेगी कि कैसे खुफिया एजेंसियों का दुरुपयोग हुआ।"

रूस ने चुनाव प्रभावित करने की नहीं की थी कोशिश

हालांकि, DNI द्वारा जारी 114 पेज की रिपोर्ट में बताया गया है कि नवंबर 2016 के चुनाव से पहले अमेरिका की खुफिया एजेंसियां यह मानती थी कि रूस ने सीधे चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश नहीं की थी।

रिपोर्ट में 8 दिसंबर 2016 की एक जानकारी का हवाला दिया गया है, जिसमें बताया गया कि रूस ने अमेरिकी चुनाव के नतीजों को बदलने के लिए कोई साइबर हमला नहीं किया था।

अचानक बिगड़ी नेतन्याहू की तबीयत, अब पीएम ऑफिस नहीं घर से संभालेंगे कामकाज; आखिर क्या हुआ?