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'ट्रंप की नीतियों से और बिगड़ेंगे हालात', कर्नल मैकग्रेगर ने अमेरिकी राष्ट्रपति की बयानबाजी पर जताई चिंता

Published: Fri, 03 Apr 2026 06:46 AM (GMT+05:30)

भू-राजनीतिक विशेषज्ञ और सेवानिवृत्त अमेरिकी कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने ईरान के खिलाफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की निरंतर आक्रामक कार्रवाई और बयानबाजी पर गंभीर चिंता जताई है।

कर्नल मैकग्रेगर ने अमेरिकी राष्ट्रपति की बयानबाजी पर जताई चिंता (फोटो- रॉयटर)

कर्नल मैकग्रेगर ने अमेरिकी राष्ट्रपति की बयानबाजी पर जताई चिंता (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. ईरान के खिलाफ ट्रंप की निरंतर कार्रवाई पर अमेरिकी भू-राजनीतिक विशेषज्ञ की तल्ख टिप्पणी 

  2. 'बहुत खराब' स्थितियों का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा व्यापार और विश्व अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा 

एएनआई, वाशिंगटन। भू-राजनीतिक विशेषज्ञ और सेवानिवृत्त अमेरिकी कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने ईरान के खिलाफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की निरंतर आक्रामक कार्रवाई और बयानबाजी पर गंभीर चिंता जताई है।

उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने अपना रुख नहीं बदला, तो स्थितियां ''बहुत खराब'' हो जाएंगी, जिसका सीधा असर वैश्विक ऊर्जा व्यापार और विश्व अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

ऊर्जा संकट और अर्थव्यवस्था पर प्रहार एक साक्षात्कार में मैकग्रेगर ने ट्रंप के हालिया संबोधन को ''बेहद निराशाजनक'' बताते हुए कहा कि यह संघर्ष को सुलझाने के बजाय उसे और भड़काने वाला है।

उन्होंने ऊर्जा बाजार में हो रही उथल-पुथल की ओर इशारा करते हुए कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था सस्ते ईंधन पर आधारित है। होर्मुज जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक यातायात में 95 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो एक बड़े संकट का संकेत है। मैकग्रेगर के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने कूटनीति के बजाय टकराव का रास्ता चुना है।

उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को एक ऐसी कार बना दिया है जो 160 किमी/घंटा की रफ्तार से कंक्रीट की दीवार की ओर बढ़ रही है। एक समझदार व्यक्ति ब्रेक लगाता, लेकिन वह एक्सीलेटर दबा रहे हैं।'

उन्होंने चेतावनी दी कि इसका असर केवल पश्चिम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत, अफ्रीका और एशिया के देश भी इसकी चपेट में आएंगे। सुरक्षा दावों और मध्यस्थता पर सवाल कर्नल मैकग्रेगर ने ईरान को 'आतंकवाद का सबसे बड़ा प्रायोजक' बताने वाले बयानों को भी खारिज किया।

उन्होंने कहा कि ईरान के भीतर आतंकवादियों की मौजूदगी अन्य क्षेत्रों की तुलना में नगण्य है। ट्रंप के इस दावे पर भी उन्होंने सवाल उठाए कि जून में किए गए हमलों ने ईरान के परमाणु विकास को खत्म कर दिया है।

उन्होंने पूछा कि अगर विकास खत्म हो चुका है, तो बार-बार उसी खतरे का जिक्र क्यों किया जा रहा है? इसके अलावा, मैकग्रेगर ने पश्चिम एशिया संकट में पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों को भी सिरे से खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा कि इजरायल को पाकिस्तान पर बिल्कुल भरोसा नहीं है, इसलिए ये कोशिशें कहीं नहीं पहुंचने वालीं।

ट्रंप द्वारा ईरान को 'पाषाण युग' में भेजने की धमकी पर उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा अमेरिका को वैश्विक स्तर पर ''मसखरा'' साबित करती है और यह 'थिएटर ऑफ एब्सर्ड' जैसा है। उन्होंने आगाह किया कि यदि अगले दो-तीन हफ्तों में तनाव कम नहीं हुआ, तो दुनिया को इससे उबरने में सालों लग जाएंगे।