विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

ट्रंप ने भरी सभा में शहबाज शरीफ को खड़ा करवाकर की पीएम मोदी की तारीफ, देखें Video

Published: Fri, 20 Feb 2026 12:05 PM (GMT+05:30)

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस की बैठक में भारत-पाकिस्तान सीजफायर का श्रेय फिर से लिया। पाकिस्तान के पीएम ...और पढ़ें

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस की मीटिंग के दौरान एक बार फिर भारत-पाकिस्तान सीजफायर का क्रेडिट लेते नजर आएं। इस दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ट्रंप को खुश करने के लिए इस बात को स्वीकार भी लिया। हालांकि, भारत ने सीजफायर करवाने में ट्रंप की किसी भी मध्यस्तता से बार-बार इनकार किया है।

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप बार-बार यह दावा करते हैं कि भारत-पाकिस्तान सीजफायर मैनें ही करवाया। एक बार फिर ट्रंप भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य तनाव को रोकने का श्रेय लेते हुए नजर आए। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की थी और यदि लड़ाई नहीं रुकने पर टैरिफ लगाने की धमकी दी थी।

ट्रंप ने शहबाज को खड़ा कर दिया

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ वॉशिंगटन में बोर्ड की ऑफ पीस की पहली बैठक में शामिल हुए थे। इस दौरान ट्रंप ने शहबाज शरीफ से कहा "पाकिस्तान और भारत, यह बड़ा मामला था। मुझे लगता है कि आपको (शरीफ) खड़ा होना चाहिए। आइए, जरा खड़े हो जाइए। पाकिस्तान और भारत, बहुत-बहुत धन्यवाद।''

इस दौरान ट्रंप ने कहा कि शरीफ ने यह दावा किया था कि ट्रंप ने दोनों देशों के बीच युद्धविराम कराकर 2.5 करोड़ लोगों की जान बचाई। ट्रंप ने दावा किया कि भारत-पाकिस्तान के बीच समझौता कराने के लिए टैरिफ नीति को दबाव के तौर पर इस्तेमाल किया।

ट्रंप ने दावा करते हुए कहा, “मैंने दोनों को फोन किया। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत अच्छी तरह जानता हूं। मैंने उनसे कहा कि अगर आप लोग यह मामला नहीं सुलझाते तो मैं आप दोनों के साथ व्यापार समझौता नहीं करूंगा और फिर अचानक हम एक समझौते पर पहुंच गए।”

हालात बेहद तनावपूर्ण थे

इस दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत-पाक संघर्ष में 'सीजफायर' के लिए अमेरिरी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद दिया। शरीफ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के समय हालात बेहद संवेदनशील हो गए थे और दोनों पक्षों के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा था।

भारत ने ट्रंप के दावे को किया खारिज

गौरतल बै कि भारत पिछले साल मई में हुए सैन्य टकराव के बाद सीजफायर को लेकर किसी तीसरे देश की मध्यस्थता के सभी दावों को लगातार खारिज किया है। भारत बार-बार यह कहता आ रहा है कि पाकिस्तान के साथ संघर्ष रोकने पर सहमति दोनों देशों की सेनाओं के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) के बीच सीधी बातचीत के बाद बनी थी।

यह भी पढ़ें- ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' का सदस्य नहीं बना भारत, पहली बैठक में ऑब्जर्वर के तौर पर की शिरकत

यह भी पढ़ें- गाजा के पुनर्निर्माण का मेगा प्लान, ट्रंप ने 'बोर्ड ऑफ पीस' में किया 7 अरब डॉलर जुटाने का एलान