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ईरान में 'वेनेजुएला मॉडल' फेल! शुरुआती जीत के बाद चौतरफा चुनौतियों में घिरा US; क्यों गलत हुआ ट्रंप का अनुमान

Published: Sun, 08 Mar 2026 09:12 AM (IST)

अमेरिका और इजरायल के 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के बाद ईरान में शुरुआती सफलता के बावजूद ट्रंप के लिए नई चुनौतियां ...और पढ़ें

खामेनेई के खात्मे के बाद भी ट्रंप के लिए ईरान की राह आसान नहीं (फाइल फोटो)

 खामेनेई के खात्मे के बाद भी ट्रंप के लिए ईरान की राह आसान नहीं (फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल के सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है। इजरायल और अमेरिका को मिली शुरुआती सफलताओं ने ट्रंप के लिए नई और जटिल चुनौतियां पैदा कर दी हैं।

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या और ईरानी सैन्य ठिकानों पर भारी बमबारी के बाद मिडिल ईस्ट में जारी जंग अब अमेरिका के कंट्रोल से बाहर निकलता दिख रहा है।

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विशेषज्ञों का कहना है कि उभरती हुई स्थिति, ट्रंप की सीमित अभियानों के प्रति पहले की प्राथमिकता के विपरीत है, जैसे कि जनवरी में वेनेजुएला पर छापा और जून में ईरान के परमाणु स्थलों पर हमला।

ईरान के साथ लंबा सैन्य अभियान

वाशिंगटन स्थित जॉन्स हॉपकिंस स्कूल फॉर एडवांस्ड इंटरनेशनल स्टडीज की लौरा ब्लुमेनफेल्ड ने रॉयटर्स को बताया, "ईरान एक जटिल और संभावित रूप से लंबा सैन्य अभियान है। ट्रंप वैश्विक अर्थव्यवस्था, क्षेत्रीय स्थिरता और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में अपनी रिपब्लिकन पार्टी के प्रदर्शन को खतरे में डाल रहे हैं।"

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समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, विशेषज्ञों का तर्क है कि ट्रंप का उद्देश्य स्पष्ट हैं- "ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों और उत्पादन क्षमता को नष्ट करना, उनकी नौसेना को ध्वस्त करना, उनके प्रॉक्सी को हथियारबंद करने की क्षमता को समाप्त करना और उन्हें कभी भी परमाणु हथियार प्राप्त करने से रोकना।"

हालांकि, प्रशासन ने अभी तक अपने अंतिम लक्ष्यों या जीत की परिभाषा के लिए एक विस्तृत रणनीति को स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं किया है।

अगर लंबा खिंचता है संघर्ष तो...

विदेशी सैन्य हस्तक्षेपों का विरोध करने वाले कुछ समर्थकों की आलोचना के बावजूद, ट्रंप के MAGA समर्थकों का एक बड़ा हिस्सा जंग का समर्थन करना जारी रखे हुए है। लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि अगर संघर्ष लंबा खिंचता है या अमेरिकी हताहतों की संख्या बढ़ती है तो यह समर्थन कमजोर पड़ सकता है।

MAGA समर्थक दो हिस्सों में बंटे हुए हैं- एक वे जो नए युद्ध न छेड़ने के वादों पर भरोसा करते थे और दूसरे वे जो ट्रंप के फैसलों के प्रति वफादार हैं।

इजरायल-ईरान से आगे बढ़ चुका है तनाव

इजरायल-अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद अब यह तनाव ईरान-इजरालय से आगे बढ़ चुका है। ईरान ने अमेरिका और इजरायली सैन्य ठिकानों पर हमले के बाद पूरे क्षेत्र में जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं, जिसमें कई खाड़ी देशों को निशाना बनाया गया है।

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लेबनान के हिजबुल्लाह मिलिशिया ने इजरायल के साथ शत्रुता फिर से शुरू कर दी है, जिससे संघर्ष में एक और मोर्चा खुल गया है और नेतृत्व में हुए नुकसान के बावजूद सहयोगी समूहों को सक्रिय करने की तेहरान की क्षमता रेखांकित होती है।

ट्रंप का अनुमान क्यों है गलत?

कुछ विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप ने इस बात का गलत अनुमान लगाया कि ईरान अभियान उसी तरह आगे बढ़ेगा, जैसे पहले वेनेजुएला अभियान चलाया गया था। जहां- अमेरिकी सैनिकों ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया और बिना किसी लंबी सैन्य कार्रवाई के देश के तेल संसाधनों पर प्रभाव हासिल कर लिया।

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हालांकि, ईरान एक अधिक लचीला प्रतिद्वंद्वी साबित हुआ है, जिसकी राजनीतिक और सुरक्षा व्यवस्था काफी मजबूत है। यहां तक कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में खामेनेई और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौत के बावजूद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करने से खुद को नहीं रोका है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या मौजूदा नेतृत्व की जगह और अधिक कट्टरपंथी हस्तियां आ सकती हैं।

अमेरिकी सेना के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल बेन हॉजेस ने रॉयटर्स को बताया कि अमेरिकी सेना की रणनीति प्रभावी रही है, लेकिन व्यापक रणनीति अभी भी अनिश्चित है। उन्होंने कहा, "राजनीतिक, रणनीतिक और कूटनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो ऐसा लगता है कि इस पर पूरी तरह से विचार नहीं किया गया है।"

अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर क्या पड़ेगा फर्क?

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने टैंकरों का आवागमन रोक दिया है, जिससे व्यवधान जारी रहने पर व्यापक आर्थिक परिणामों की आशंका बढ़ गई है। हालांकि, ईरान ने बाद में यह स्पष्ट कर दिया कि महत्वपूर्ण जहाजरानी मार्ग केवल अमेरिकी, इजरायली और यूरोपीय जहाजों के लिए बंद रहेगा।

अटलांटिक काउंसिल थिंक टैंक के जोश लिपस्की ने कहा, "यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए एक आर्थिक संकट का बिंदु है, जिसका पूरी तरह से अनुमान नहीं लगाया गया था।"

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