ट्रंप का दावा- 'ईरान के साथ आज फाइनल होगी डील, सभी के लिए खुलेगा होर्मुज'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार को घोषणा की कि ईरान के साथ लंबे समय से प्रतीक्षित समझौते पर रविवार ...और पढ़ें

ट्रंप का दावा- 'ईरान के साथ रविवार को फाइनल होगी डील (फोटो- रॉयटर)
HighLights
ट्रंप ने कहा यह डील पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के ईरान परमाणु समझौते से बिल्कुल विपरीत है
ट्रंप ने कहा कि अब ईरान परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा ना खरीद पाएगा
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तीन महीने से जारी तनाव के बाद समझौते की उम्मीदें लगातार मजबूत हो रही हैं।
दोनों देशों के बीच प्रस्तावित समझौता मसौदे, जिसे मेमोरैंडम आफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) कहा जा रहा है, पर व्यापक सहमति बनने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को दावा किया कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करनेवाले समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर होने जा रहे हैं।
उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि समझौता होते ही स्ट्रेट आफ होर्मुज सभी देशों के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि, ईरान ने टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा प्रक्रिया पूरी होने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं।
पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने भी कहा कि दोनों पक्ष शांति समझौते की रूपरेखा पर सहमत हैं और इस पर रविवार को ई-हस्ताक्षर के लिए हम तैयारी में जुटे हैं। उधर, अगले हफ्ते फ्रांस में प्रस्तावित जी7 की बैठक में ट्रंप शामिल होंगे, जहां वह खाड़ी देशों के नेताओं के साथ स्ट्रेट आफ होर्मुज के मुद्दे पर चर्चा कर सकते हैं।
ईरान इस पर अपनी संप्रभुता के दावे करता है और उधर से गुजरनेवाले जहाजों से सेवा शुल्क लेने की तैयारी कर रहा है।
न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि इस समझौते के तहत अमेरिका ईरान को कोई पैसा नहीं देगा। उन्होंने कहा कि हालात सामान्य होने पर अमेरिका ईरान का उच्च संवर्धित यूरेनियम निकालकर नष्ट करेगा।
इसे ईरान या अमेरिका में नष्ट किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में ईरान और पूरे पश्चिम एशिया के साथ अमेरिका के बेहतर संबंध होंगे।
साथ ही उन्होंने चेताया कि यदि प्रक्रिया सफल नहीं हुई तो अमेरिका के पास हमले के रूप में आखिली विकल्प भी मौजूद है, जिसे वह दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहते।
उन्होंने ओबामा प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसने ईरान को अरबों डालर दिए थे, जिनमें 1.7 अरब डालर नकद भी शामिल थे।
रॉयटर के अनुसार, ट्रंप के बयान से पहले शरीफ ने एक्स पर लिखा कि अमेरिका और ईरान शांति समझौते की रूपरेखा पर सहमत हो चुके हैं और इस पर हस्ताक्षर के बाद अगले सप्ताह दोनों के बीच तकनीकी स्तर की बातचीत होगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह समझौता क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति और स्थिरता का आधार बनेगा। कतर के पीएम और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जस्सिम अल थानी से फोन पर वार्ता के दौरान शरीफ ने दावा किया कि शांति समझौता हस्ताक्षर के लिए पूरी तरह तैयार है और बहुत जल्द इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है।
पाकिस्तान पीएम कार्यालय ने उनके बयान को एक्स पर साझा भी किया। हालांकि, शरीफ के बयान पर बघाई ने कहा कि समझौते की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन अमेरिका के बार-बार रुख बदलने के रवैये को देखते हुए किसी निश्चित समयसीमा पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर होना संभव नहीं है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर लिखा कि संभावित समझौते में अब भी बदलाव संभव हैं, लेकिन इससे यह स्पष्ट हुआ है कि युद्ध के बाद ईरान पहले से अधिक मजबूत होकर उभरा है।
उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के साथ संघर्ष में ईरान विजेता रहा है। अराघची ने कहा कि ईरान यूरेनियम को तरल रूप में संरक्षित रखना चाहता है। उन्होंने कहा कि समझौता दो चरणों में लागू होगा। पहले चरण में परमाणु मुद्दे को शामिल नहीं किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में इस पर चर्चा होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि एमओयू के प्रविधानों का पालन नहीं हुआ तो अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होंगे। उनके अनुसार, पहले चरण में ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी हटाने का प्रविधान शामिल है।
साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से टोल नहीं, बल्कि सेवा शुल्क लिया जाएगा। योजना में ईरान को मुआवजा भुगतान का प्रविधान भी शामिल है।
इस बीच, अमेरिकी बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर उड़ान भर रहे कई हमलावर ड्रोन मार गिराए। न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, ये ड्रोन अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा बन सकते थे।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि समुद्री मार्ग पूरी तरह खुला है। सेंटकाम के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय व्यापार गलियारे में बाधा डालने की कोशिशों को विफल कर दिया गया। ईरान की तरफ से फिलहाल टिप्पणी नहीं की गई है।
ओमान में टैंकर पर हमलायूके मैरिटाइम ट्रेड आपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने दावा किया है कि ओमान के समुद्री क्षेत्र में एक टैंकर पर राकेट से हमला किया गया। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने या पर्यावरणीय नुकसान की सूचना नहीं है। हमला झेलने के बावजूद टैंकर परिचालन स्थिति में रहा और अपनी यात्रा जारी रखी।
लेबनान में जारी रहे हमलेदक्षिणी लेबनान में शनिवार को भी इजरायली हमले जारी रहे। इन हमलों में चार लोगों की मौत हो गई। पहले टायर जिले के माराकेह क्षेत्र में एक व्यक्ति और जेज्जीन जिले की रिहान नगरपालिका के मेयर की मौत की पुष्टि हुई।
बाद में नबातियेह जिले के देइर अल-जहरानी क्षेत्र में हुए हवाई हमले में दो और लोगों की जान चली गई। हमले में एक रिहायशी इमारत भी पूरी तरह तबाह हो गई। वहीं, हिजबुल्ला ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उत्तरी इजरायल पर हमले किए।
