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'दिलों में नफरत', ट्रंप ने फ्रांस की हिंसा को इमिग्रेशन से जोड़ा, सीमाएं बंद करने की अपील की

Published: Sun, 18 Oct 2026 07:27 PM (IST)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने फ्रांस में फैली हिंसक अशांति के लिए इमिग्रेशन को जिम्मेदार ठहराया है और देश से अपनी सीमाएं बंद करने की अपील की है।

ट्रंप ने फ्रांस की हिंसा को इमिग्रेशन से जोड़ा। (रॉयटर्स)

ट्रंप ने फ्रांस की हिंसा को इमिग्रेशन से जोड़ा। (रॉयटर्स)

HighLights

  1. ट्रंप ने फ्रांस हिंसा के लिए इमिग्रेशन को दोषी ठहराया।

  2. फ्रांस से अपनी सीमाएं बंद करने की अपील की।

  3. हिंसा बढ़ती महंगाई और विरोध-प्रदर्शनों से भड़की।

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने फ्रांस में फैली हिंसक अशांति के लिए इमिग्रेशन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने फ्रांस से अपनी सीमाएं बंद करने की अपील की है, क्योंकि जीवन-यापन की बढ़ती लागत और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शन अब हिंसक झड़पों, लूटपाट और आगजनी में बदल गए हैं।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब फ्रांसीसी अधिकारी शनिवार को हुए प्रदर्शनों से हुए भारी नुकसान से निपटने में जुटे हैं। रविवार की रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 1,800 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और सैकड़ों पुलिस अधिकारी तथा आपातकालीन कर्मी घायल हुए हैं।

लिमोजेस शहर में, कर्मचारी 143 साल पुराने सिटी हॉल को हुए नुकसान का जायजा ले रहे थे, जो आगजनी की एक घटना में आंशिक रूप से नष्ट हो गया था।

दुनिया से आए लोगों ने महान रहे देश को तबाह कर दिया- ट्रंप

ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, 'फ्रांस जल रहा है। एक बिल्कुल अलग दुनिया से आए लोगों के आप्रवासन ने, जिसके दिलों में नफरत भरी है, इस कभी महान रहे देश को तबाह कर दिया है। बहुत देर होने से पहले अपनी सीमाएं बंद करें और नियंत्रण अपने हाथ में लें।'

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फ्रांस में बड़े पैमाने पर हिंसा

फ्रांस में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए। बढ़ती महंगाई के खिलाफ हो रहे इन प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं, बड़े पैमाने पर लूटपाट हुई और आगजनी की घटनाएं सामने आईं।

यह हिंसा पेरिस और अन्य शहरों में बढ़ती महंगाई के खिलाफ निकाले गए मार्च के दौरान भड़की। गृह मंत्रालय के अनुसार, इन प्रदर्शनों में 5,50,000 लोग शामिल हुए, जबकि इसमें हिस्सा लेने वाले CGT यूनियन ने यह आंकड़ा 8,00,000 बताया है। प्रदर्शनकारियों ने पत्थर और आतिशबाजी फेंकी, जिसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।

हिंसा के लिए आव्रजन जिम्मेदार- वेंस

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी हिंसा पर अपनी राय रखी। उन्होंने इसके लिए आव्रजन को जिम्मेदार ठहराया और तर्क दिया कि फ्रांस और अन्य पश्चिमी देश, लोगों को समाज में शामिल करने और उनके बीच तालमेल बिठाने के मुद्दे को सुलझाने में विफल रहे हैं।

एक्स पर एक पोस्ट में वेंस ने कहा, 'पश्चिमी उदारवादियों ने विविधता और करुणा के नाम पर 'तीसरी दुनिया' के लोगों को फ्रांस और अन्य देशों में लाकर बसा दिया। उन्होंने समाज में घुलने-मिलने और तालमेल बिठाने जैसे बुनियादी सवालों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।'

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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