मध्यावधि चुनाव में हार: ट्रंप ने माना- ईरान युद्ध और तेल के बढ़े दाम पड़े भारी; तेहरान में जश्न का माहौल
ट्रंप ने युद्ध को लेकर उठ रहे सवालों के बीच रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को पद से हटाने की संभावना ...और पढ़ें

ट्रंप ने माना, ईरान युद्ध और तेल के दाम भारी पड़े (फोटो- रॉयटर)
HighLights
मध्यावधि चुनाव में हार के बाद बदले राष्ट्रपति के तेवर
डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई
मध्यावधि चुनावों में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की पार्टी के हार के बाद ईरान में जश्न
एपी, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार के बाद स्वीकार किया है कि ईरान के साथ आठ महीने से जारी युद्ध और पेट्रोल-गैस की बढ़ती कीमतों ने उनकी पार्टी को बड़ा नुकसान पहुंचाया।
उन्होंने माना कि युद्ध के आर्थिक प्रभावों से अमेरिकी मतदाता नाराज थे। हालांकि, ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि यह ऐसा कदम था, जिसे उठाना जरूरी था और अमेरिका आगे भी कार्रवाई जारी रखेगा।
ट्रंप ने युद्ध को लेकर उठ रहे सवालों के बीच रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को पद से हटाने की संभावना भी खारिज कर दी। ट्रंप ने कहा कि हेगसेथ बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। चुनाव में हार के बाद ट्रंप के तेवरों में कुछ नरमी भी देखने को मिली।
उन्होंने डेमोक्रेट्स को जीत की बधाई देते हुए उनके साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई। सीबीएस न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह देश की भलाई के लिए डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की उम्मीद रखते हैं।
वहीं, न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए साक्षात्कार में उन्होंने चुनावी नतीजों को स्वीकार करने की बात कही। हालांकि, ट्रंप जल्द ही अपने पुराने आक्रामक अंदाज में लौट आए। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी की हार के लिए खुद के चुनाव मैदान में नहीं होने को भी एक वजह बताया।
साथ ही चेतावनी दी कि डेमोक्रेट्स के ऐसे विधेयकों को राष्ट्रपति के वीटो अधिकार से रोक दिया जाएगा, जिनसे वह सहमत नहीं होंगे।
उधर, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी हार के पीछे ईरान युद्ध को प्रमुख कारण बताया। चुनावी नतीजों के बाद यह साफ हो गया है कि महंगाई और विदेश नीति से जुड़े फैसले ट्रंप प्रशासन के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती बन गए हैं।
मध्यावधि चुनाव के नतीजे बताते हैं कि अमेरिकी मतदाताओं ने ट्रंप के युद्ध को खारिज किया : ईरान
मध्यावधि चुनावों में अमेरिकी मतदाताओं द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दिए गए झटके के बाद ईरान में जश्न का माहौल था।
लोगों ने कहा कि मध्यावधि चुनाव के नतीजे बताते हैं कि अमेरिकी मतदाताओं ने ट्रंप के युद्ध को खारिज कर दिया। बुधवार को तेहरान में हजारों लोगों ने मार्च निकाला। यह मार्च 1979 में अमेरिकी दूतावास पर कब्जे की याद में और अमेरिकी चुनाव के नतीजों का जश्न मनाने के लिए था।
हालांकि, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने एक पत्र में कहा कि जो यह सोचते हैं कि अमेरिका में राजनीतिक बदलावों से इस्लामिक गणराज्य के प्रति उसकी शत्रुता बदल सकती है, वे बड़ी गलतफहमी में हैं।
ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद अध्यक्ष, मोहम्मद बागेर गलीबॉफ ने बुधवार को कहा कि "अमेरिकियों ने युद्ध को ना कहा है, और हम इस संदेश का समर्थन करते हैं।"
ईरान में, न्यायपालिका द्वारा संचालित एक समाचार आउटलेट ने एक्स पर चल रहा एक चुटकुला साझा किया, "ट्रंप ईरान में तो सत्ता बदलने में नाकाम रहे, लेकिन टेक्सास में कामयाब हो गए।" यह टेक्सास राज्य के संदर्भ में कहा गया है, जो अमेरिका का एक दक्षिणी राज्य है, जहां दशकों में पहली बार किसी डेमोक्रेट ने सीनेट का चुनाव जीता है।
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