वाशिंगटन, पीटीआइ। ट्रम्प प्रशासन ने एक संघीय जिला अदालत से आग्रह किया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में एच -1 बी वीजा-धारकों कुछ श्रेणियों को काम करने अनुमति देने को कहा है। यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट सबमिशन से पहले होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट (डीएचएस) ने तर्क दिया कि अमेरिकी प्रौद्योगिकी कर्मचारी, जिन्होंने एच -4 वीजा-धारकों को वर्क परमिट देने के लिए 2015 के फैसले को चुनौती दी थी। इसतरह के कार्य प्राधिकरण द्वारा उन्हें नुकसान नहीं पहुचाया गया है। 

बता दें कि इस वक्त पूरी दुनिया कोरोन संकट से जूझ रही है। ऐसे में देश-विदेश में लोग फंसे हुए हैं। अकेले अमेरिका में भी कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 70 हजार के पार है। चीन के वुहान से फैले इस वायरस का अभी तक कोई इलाज भी नहीं मिल पाया है। वहीं अगर पूरी दुनिया की बात करें तो 2 लाख से ज्यादा लोगों की मौत इस वायरस हो चुकी है वहीं संक्रमितों का आंकड़ा 38 लाख के पार पहुचं गया है। 

अमेरिका में हुई सबसे ज्यादा मौत के बाद भी वहां पर ट्रंप प्रशासन लॉकडाउन में ढील दे रहा है। ऐसे में कई विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने से स्थिति और खतरनाक हो सकती है। वहीं यूएस की तरफ से बार-बार दावा किया जा रहा है कि चीन के लैब से ही कोरोना वायरस का जन्म हुआ है वहीं चीन इस मामले इनकार कर चुकी है। यहीं अमेरिका सहित अन्य कई देश डबल्यूएचओ को चीन पीआर भी कह चुका है। ऐसे में चीन से फैले कोरोना वायरस को लेकर हडकंप मच गया है। 

इसके बाद हाल ही में अमेरिका में चीन के एक वैज्ञानिक की मौत के बाद से यह चीन और अमेरिका की बीच संबंध बिगड़ते जा रहा है ऐसे में फिलहाल इस मौत का अभी तक कई साक्ष्य नहीं मिल पाया। वहीं डबल्यूएचओ भी लगातार अपने ऊपर लगाए आरोप को गलत ठहराता रहा है।

Posted By: Pooja Singh

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