वाशिंगटन, प्रेट्र। ट्रंप प्रशासन ने देश की सुरक्षा को कारण बताते हुए गुरुवार को विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं व विदेशी पत्रकारों के लिए वीजा को लेकर नए निर्देशों के तहत समय सीमा निर्धारित किया है।  इन तीनों वर्गों  में जो चीन के नागरिक हैं उन्हें अधिक फायदा मिला है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि मौजूदा वीजा नियमों का फायदा उठाया जा रहा है इसलिए ही नए नियम बनाए गए हैं। 

प्रस्तावित नियम के तहत 'F' (विद्यार्थी वीजा), 'J' ( पत्रकार वीजाा) और R' (शोधकर्ता वीजा) को अमेरिका में प्रवेश तो मिलेगा लेकिन उनका प्रोग्राम खत्म होने तक ही यहां रहने की अनुमति होगी और इसके लिए चार साल का समय निर्धारित किया गया है। साथ ही यह भी नियम बनाया गया है कि आतंकवाद को समर्थन देने वाले देश से आने वालों की वीजा अवधि दो साल से कम की जा सकती है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद विद्यार्थियों  को 60 के बजाए 30 दिन में ही देश छोड़ना होगा। पिछले साल विद्यार्थी कैटेगरी में 10 लाख एडमिशन के लिए आवेदन आए थे। 

नया वीजा प्रस्ताव शुक्रवार को अधिसूचित (नोटिफाइड) किया जाएगा। नए प्रस्ताव का मकसद अमेरिका के वीजा नियमों और इमीग्रेशन पॉलिसी को बेहतर बनाना है। इसके अलावा उन लोगों की पहचान करनी है, जो वीजा नियमों का गलत फायदा उठाते हैं। अमेरिका ने विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और विदेशी पत्रकारों के वीजा को लेकर नए प्रस्ताव में समय सीमा तय कर दी है। किसी भी सूरत में इन तीन श्रेणियों में चार साल से ज्यादा का वीजा जारी नहीं किया जाएगा। इसका मतलब यह हुआ कि अब वीजा जारी करते समय ही यह तय हो जाएगा कि कोई शख्स अमेरिका में कानूनी तौर पर कितने दिन रह सकता है।

नए वीजा नियमों के तहत फिलहाल तीन वर्गों के लिए आवेदकों को पहले से अधिक विस्तार में जानकारी देनी होगी। प्रस्ताव के अनुसार, किसी भी हाल में किसी भी व्यक्ति को इन तीन कैटेगरीज में चार साल से ज्यादा का वीजा जारी नहीं किया जा सकेगा। होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट वैसे विदेशी नागरिकों की मॉनिटरिंग करेगा जिनकी समय सीमा समाप्त हो चुकी है। दरअसल, इन नए नियमों के जरिए अमेरिकी सरकार नए वीजा नियमों और इमीग्रेशन पॉलिसी को बेहतर बनाना चाहती है।

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