न्यूयॉर्क, एजेंसी। उत्‍तर भारत के गांवों में एक धारणा है कि यदि आपको हिचकी आ रही है तो जरूर आपका कोई करीबी आपको याद कर रहा होगा। हालांकि, मेडिकल साइंस में हिचकियां आने की अलग अलग वजहें हैं। डॉक्‍टरों की मानें तो यदि आपको ज्‍याद हिचकियां आती हैं तो यह किसी बीमारी का लक्षण भी हो सकता है। लेकिन दुनिया में कई ऐसे भी लोग रहे हैं जो आजीवन हिचकियों से परेशान रहे हैं। 

कुछ ऐसी ही कहानी है टेक्‍नीशियन लीजा ग्रेव्‍स (Lisa Graves) की। 31 साल की लीजा ग्रेव्स दो बच्चियों की मां हैं। लीजा अमेरिका के लिंकन में रहती हैं। पेशे से नेल टेक्नीशियन हैं। ये पिछले 12 साल से हिचकियों से परेशान हैं। कभी-कभी तो ये हिचकियां कुत्‍तों के भौंकने जैसा रूप ले लेती हैं। वे इससे मुक्ति चाहती हैं, लेकिन अब तक कोई इलाज या देसी नुस्खा कारगर नहीं हुआ। अब वे इनकी अभ्यस्त हो चुकी हैं। 

दरअसल, पहली बच्ची को जन्म देने के दौरान लीजा को एक हल्का स्ट्रोक आया था। डॉक्‍टर बताते हैं कि ये हिचकियां इसी स्‍ट्रोक का साइड इफेक्‍ट हो सकती हैं। हालांकि, डॉक्‍टर इसकी वजहों का खुलासा नहीं कर पाए हैं। लीजा बताती हैं कि किसी से बातचीत करने के दौरान भी मुझे हिचकियां शुरू हो जाती हैं। शुरुआत में तो ऐसा होने पर मुझे बहुत शर्मिदगी होती थी। लेकिन धीर धीरे इसकी आदत पड़ गई। 

बकौल लीजा, कई बार तो हि‍चकियों के कारण मेरी नींद टूट जाती है। यह इतनी तेजी से आती हैं कि आवाज से मेरे पति (Lisa’s husband Matthew) भी जग जाते हैं। वहीं डॉक्टर हिचकियों को इसी का साइड इफेक्ट बताते हुए मामले को दुर्लभ करार देते हैं। अब तक सबसे लंबे समय तक हिचकी करने का मामला चाल्र्स ओसबोर्न का है। इस अमेरिकी नागरिक ने भी 68 साल हिचकियों के साथ बिताया। रिपोर्टों में कहा गया है कि कुछ दशकों तक तो ओसबोर्न को एक मिनट में 40 बार तक हिचकियां आ जाती थीं। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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