संयुक्त राष्ट्र, पीटीआइ। तालिबान ने यूएनजीए में शामिल होने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतेरस को चिट्ठी लिखी है। इसके लिए तालिबान ने अपने प्रवक्ता सुहैल शाहीन को संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान का नया राजदूत नामित किया है और वर्तमान में चल रहे महासभा के 76वें उच्च स्तरीय सत्र में भाग लेने और बोलने की मांग की है।

1 मई से शुरू हुई अमेरिकी सेना की वापसी की पृष्ठभूमि में तालिबान ने पिछले महीने देश भर में लगभग सभी प्रमुख शहरों और शहरों पर कब्जा कर लिया था। 15 अगस्त को राजधानी काबुल पर भी तालिबान ने अपने झंडा लहरा दिया था। काबुल पर कब्जा करने के तीन हफ्ते बाद तालिबान ने 6 सितंबर को पंजशीर पर जीत का दावा किया था।

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख को लिखी चिट्ठी में तालिबान ने 21-27 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र में भाग लेने का अनुरोध किया है। यूएन प्रमुख के उप प्रवक्ता फरहान हक ने पीटीआइ को बताया कि पत्र में यह भी कहा गया है कि 15 अगस्त, 2021 तक पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी को सत्ता से बाहर कर दिया गया था और (दुनिया भर के देश) अब उन्हें राष्ट्रपति के रूप में मान्यता नहीं देते हैं।

15 अगस्त को तालिबान द्वारा काबुल पर नियंत्रण करने के बाद देश छोड़कर भाग गए गनी ने जून 2021 में इसाकजई को संयुक्त राष्ट्र में काबुल का दूत नियुक्त किया था। तालिबान का पत्र में आगे कहा गया है कि स्थायी प्रतिनिधि का मिशन समाप्त हो गया है और इसाकजई अब अफगानिस्तान का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।

तालिबान ने दोहा स्थित प्रवक्ता शाहीन को संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान के नए स्थायी प्रतिनिधि के रूप में नामित किया है। हक ने कहा कि 15 सितंबर को महासचिव को इस्लामिक रिपब्लिक आफ अफगानिस्तान के स्थायी मिशन से संयुक्त राष्ट्र में राजदूत इसाकजई की तरफ से एक पत्र मिला था, जिसमें महासभा के 76वें सत्र के लिए अफगानिस्तान के प्रतिनिधिमंडल की सूची थी। इसाकजई को प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

Edited By: Manish Pandey