हनुमान अंश की सफलता के बीच टेक्सस में 'स्टैच्यू ऑफ यूनियन' पर विवाद, ईसाई कंजर्वेटिव्स कर रहे विरोध
हनुमान अंश (Hanuman Ansh) की सफलता के बीच टेक्सस के शुगर लैंड में स्थापित 90 फीट ऊंची हनुमान जी की मूर्ति 'स्टैच्यू ऑफ यूनियन' को लेकर विवाद गहरा गया है।

हनुमान अंश की सफलता के बीच टेक्सस में 'स्टैच्यू ऑफ यूनियन' पर विवाद।
HighLights
टेक्सस में 90 फीट ऊंची हनुमान मूर्ति 'स्टैच्यू ऑफ यूनियन' विवादों में।
ईसाई कंजर्वेटिव्स द्वारा मूर्ति का विरोध, इसे झूठा देवता बताया।
भारतीय-अमेरिकी समुदाय इसे अपनी पहचान और एकता का प्रतीक मानता है।
डिजिटल डेस्क, टेक्सस। कहते हैं कि टेक्सास में हर चीज बड़ी होती है, एक ऐसा राज्य जहां बिल्लियां-कुत्तों जितनी बड़ी होती हैं, कुत्ते यूरोपियन कारों जितने बड़े होते हैं और जिसमें दो जर्मनी और 20 बेल्जियम या दुनिया के 158 छोटे देश समा सकते हैं। लेकिन, टेक्सस के ईसाई कंजर्वेटिव्स इतने बड़े दिल वाले नहीं हैं कि हनुमान जी की एक बड़ी मूर्ति को अपना सकें।
भारत में नीम करौली बाबा (Neem Karoli Baba) के जीवन पर बनी फिल्म 'हनुमान अंश' (Hanuman Ansh) की लहर के बीच, अमेरिका के सबसे बड़े राज्य ह्यूस्टन के पास शुगर लैंड में श्री अष्टलक्ष्मी मंदिर के ऊपर बनी 90 फीट ऊंची भगवान हनुमान की मूर्ति को लेकर विवाद छिड़ गया है।
ताकत, भक्ति और एकता के प्रतीक हनुमान जी
स्थानीय हिंदू ग्रुप्स की ओर से ताकत, भक्ति और एकता के प्रतीक के तौर पर बनाई गई और आधिकारिक तौर पर 'स्टैच्यू ऑफ यूनियन' कही जाने वाली यह मूर्ति टेक्सस में इमिग्रेशन, धर्म , पहचान और अमेरिकी होने के मायने पर बढ़ती बहस का केंद्र बन गई है।
टेक्सस में 90 फीट ऊंची हनुमान जी की मूर्ति का विरोध
90 फीट ऊंची और 90 टन वजनी इस मूर्ति का आधिकारिक अनावरण अगस्त 2024 में तीन दिन की प्राण प्रतिष्ठा के बाद किया गया था। इसे अमेरिका की चौथी सबसे ऊंची मूर्ति माना जाता है। लेकिन से लगते ही विवाद शुरू हो गया।
एक स्थानीय चर्च के सदस्यों ने इसे झूठा देवता कहा और राजनेताओं ने इस मुद्दे को लपकते हुए कहा कि ईसाई देश में इसकी कोई जगह नहीं है, जबकि संवैधानिक रूप से अमेरिका ऐसा देश नहीं है।
भारतीय-अमेरिकी समुदाय के नेताओं का कहना है कि यह मूर्ति यह नहीं बताती कि टेक्सस अचानक भारत बन गया है , बल्कि यह बताती है कि हिंदू अमेरिकी टेक्सस का ही हिस्सा है।
स्टीव जॉब्स से लेकर जकरबर्ग तक...बाबा के भक्त
विडंबना यह है कि हनुमान जी अमेरिका में कोई नए आए प्रवासी नहीं है। कैलिफोर्निया के माउंट मैडोना सेंटर में 'संकट मोचन हनुमान मंदिर' नीम करौली बाबा के अमेरिकी अनुयायियों की श्रद्धा से बना था।
बाबा को सिलिकॉन वैली, हॉलीवुड और बॉलीवुड की कई मशहूर हस्तियां मानती थीं, जिनमें दिवंगत स्टीव जॉब्स और मार्क जकरबर्ग से लेकर जूलिया रॉबर्ट्स और विराट कोहली तक शामिल हैं।
ओबामा का गुड-लक चार्म 'हनुमान जी'
1973 में बाबा के निधन के बाद, अमेरिकी भक्तों ने हनुमान जी की मूर्ति बनवाई, जिसकी प्राण प्रतिष्ठा 2003 में हुई। भगवान हनुमान का सांस्कृतिक प्रभाव सिर्फ हिंदू प्रवासियों तक ही सीमित नहीं है। बराक ओबामा ने 2016 में बताया कि वे अपनी जेब में निजी यादों और गुड-लक चार्म के तौर पर रखी छोटी-छोटी चीजों में एक महिला द्वारा दी गई हनुमान जी की छोटी मूर्ति भी शामिल थी।
