Oscar की रेस में 'धुरंधर' और 'हनुमान अंश' से आगे निकली नागालैंड की Angh, क्या है फिल्म की कहानी?
टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्लेटफॉर्म प्राइज जीतकर नागालैंड की फिल्म अंग (Angh) ने ऑस्कर के लिए क्वालीफाई कर लिया है।

ऑस्कर की रेस में शामिल हुई नागालैंड की फिल्म
HighLights
ऑस्कर की रेस में शामिल हुई नागालैंड की फिल्म
क्या है फिल्म अंग की कहानी?
TIFF में जीता प्लेटफॉर्म प्राइज
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा में एक तरफ जहां इस साल 'धुरंधर' और 'हनुमान अंश' जैसी फिल्मों की धूम रही वहीं ऑस्कर 2027 में नागालैंड की फिल्म 'अंग' ने बाजी मारी है। जी हां आइए जानते हैं कौन सी है ये फिल्म और क्या है इसकी कहानी?
TIFF में जीता प्लेटफॉर्म प्राइज
नागा फिल्ममेकर तेजा रियो की निर्देशित फिल्म 'अंग' ने टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में 'प्लेटफॉर्म प्राइज' जीता और सीधे ऑस्कर के लिए क्वालिफाई किया।
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अंग के बारे में
तेजा रियो द्वारा निर्देशित अंग (Angh) फिल्म नागालैंड की पृष्ठभूमि पर आधारित है और फेस्टिवल की जूरी ने एक दुनिया की 'गहरी और प्रभावशाली तस्वीर' पेश करने के लिए इसकी तारीफ की है। इस जीत के साथ ही, 'अंग' अब एकेडमी अवार्ड्स (Oscars 2027) में 'बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म' कैटेगरी के लिए सीधे क्वालिफाई कर गई है।
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रविवार शाम को फेस्टिवल के आयोजकों ने पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा की, जिसमें 'Angh' भी शामिल थी। जूरी ने 'Angh' के बारे में कहा, 'प्लेटफॉर्म प्राइज 'Angh' को दिया जाता है। इसके नए नजरिए, फिल्म बनाने की मजबूती और एक दुनिया की गहरी और असरदार तस्वीर पेश करने के लिए। हम फिल्म निर्माता की सोच, हिम्मत और साहस की तारीफ करते हैं'।
TIFF का प्लेटफॉर्म प्राइज है खास
इस साल से, TIFF का प्लेटफॉर्म प्राइज उन छह अंतरराष्ट्रीय फेस्टिवल पुरस्कारों में से एक बन गया है, जिनसे सीधे ऑस्कर तक का रास्ता खुलता है। इसका मतलब है कि 'Angh' 2027 के ऑस्कर में 'बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म' कैटेगरी में नॉमिनेशन के लिए भारत की 'Gondhal' समेत दूसरी राष्ट्रीय एंट्रीज के साथ मुकाबला करेगी।

क्या है 'अंग' (Angh) की कहानी?
'अंग' एक पिता और बेटे की दिल को छू लेने वाली और निजी कहानी दिखाती है, जिसमें बेटा मिशन की सुख-सुविधाओं की ओर खिंचा चला जाता है। साथ ही, यह फिल्म धर्म-परिवर्तन की उस प्रक्रिया को भी दिखाती है जो स्थानीय संस्कृति को पिछड़ा हुआ बताती है।
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नागा फिल्ममेकर थेजा रियो की बनाई और उनकी अपनी 2021 की अवॉर्ड-विनिंग शॉर्ट फिल्म पर आधारित यह फिल्म एक ऐसी संस्कृति को दिखाती है जिसे स्क्रीन पर बहुत कम दिखाया गया है। 1960 के दशक पर आधारित यह फिल्म लगभग पूरी तरह से कोन्याक भाषा में है।
