वाशिंगटन, एजेंसियां। नासा के दो अंतरिक्ष यात्रियों रॉबर्ट बेनकेन (Bob Behnken) और डगलस हर्ले (Doug Hurley)को लेकर गया स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल रविवार को सफलता पूर्वक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (International Space Station) से जुड़ गया। अरबपति कारोबारी एलन मस्क की स्पेसएक्स कंपनी के ड्रैगन यान के नासा के अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र यानी आइएसएस पर पहुंचाने के साथ ही एक इतिहास कायम हो गया है।

व्यावसायिक अंतरिक्ष यात्रा के नए युग की शुरुआत

स्पेसएक्स कंपनी ने ट्वीट कर कहा कि क्रू ड्रैगन अंतरिक्ष केंद्र पहुंच गया है और अंतरिक्ष यात्रियों-बॉब बेह्नकेन (49) और डोग हर्ले (53) को प्रयोगशाला में पहुंचा दिया गया है। यह व्यावसायिक अंतरिक्ष यात्रा के क्षेत्र में नए अध्याय की शुरुआत है। फ्लोरिडा के केनेडी अंतरिक्ष केंद्र से हुआ यह प्रक्षेपण इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि 21 जुलाई 2011 के बाद पहली बार अमेरिकी धरती से कोई मानव मिशन अंतरिक्ष में गया है।

19 घंटे तक टिकी रहीं नजरें

यह लांचिंग उसी लांच पैड से हुई, जिससे 50 साल पहले अपोलो अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजा गया था। ड्रैगन यान को अंतरिक्ष केंद्र तक पहुंचने में 19 घंटे का समय लगा। यह रविवार सुबह 10 बजकर 16 मिनट पर वहां पहुंचा। इस सफलता पर मस्क ने कहा कि मैं आज के दिन भावनाओं से भरा हूं... इसलिए बात करना मुश्किल है। केनेडी स्पेस सेंटर में प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा, इस लक्ष्य की दिशा में काम करते हुए 18 साल हो गए हैं। इसलिए यह विश्वास करना मुश्किल है कि ऐसा हुआ है।

पहली निजी कंपनी जिसने रचा इतिहास

इससे पहले नासा के अंतरिक्ष यात्री बेह्नकेन और हर्ले को लेकर स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन अंतरिक्षयान ने नासा के ही केनेडी अंतरिक्ष केंद्र के प्रक्षेपण परिसर से कंपनी के फाल्कन-9 रॉकेट के जरिए तीन बजकर 22 मिनट पर उड़ान भरी। उड़ान से चंद सेकेंड पहले हर्ले ने कहा, 'आइए यह दिया जलाएं'। ठीक यही वाक्य एलन शेपर्ड ने सन 1961 में पहले मानव स्पेस मिशन के दौरान कहा था। इस प्रक्षेपण के साथ ही स्पेसएक्स पहली निजी कंपनी बन गई है, जिसने इंसानों को कक्षा में भेजा है।

चार महीने तक स्पेस स्टेशन पर रहेंगे यात्री

इससे पहले केवल तीन सरकारों, अमेरिका, रूस और चीन को यह उपलब्धि हासिल है। फिर से इस्तेमाल हो सकने वाले गमड्रॉप (कैंडी) आकार के इस यान का नाम क्रू ड्रैगन है जिसने अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र तक के 19 घंटे का सफर कराया। अब दोनों अंतरिक्ष यात्री चार महीने तक स्पेस स्टेशन पर रहेंगे और बाद में धरती पर लौट आएंगे। कोरोना वायरस के चलते पिछले तीन महीनों में एक लाख से अधिक देशवासियों को खो चुके अमेरिका के लिए यह सफल प्रक्षेपण खुशी का मौका लेकर आया है। इससे पहले पिछले हफ्ते खराब मौसम के चलते यह प्रक्षेपण टल गया था।

ट्रंप ने ऐतिहासिक दिन बताया

इस ऐतिहासिक पल के गवाह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलेनिया ट्रंप भी बने। दोनों लांचिंग देखने फ्लोरिडा स्थित केनेडी स्पेस सेंटर आए थे। मस्क, नासा और अंतरिक्ष यात्रियों को बधाई देते हुए ट्रंप ने लांच वाले दिन को देश के लिए एक महान दिन बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने मस्क के साथ ही टेकऑफ से पहले दोनों अंतरिक्ष यात्रियों से भी बात की।

लांचिंग से लोगों को प्रेरणा मिलेगी: नासा

नासा के प्रशासक जिम ब्राइडेंस्टाइन ने कहा कि लांचिंग के वक्त वह प्रार्थना कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'मैंने गड़गड़ाहट सुनी लेकिन उस वक्त मैं कुछ और ही महसूस कर रहा था। जब आपकी टीम रॉकेट में हो तो ऐसा ही होता है। यह हमारी टीम है। यह अमेरिका की टीम है।' यह सच है कि हमारे लिए अभी बहुत ही कठिन वक्त है, लेकिन इस लांचिंग से लोगों को प्रेरणा मिलेगी।

वर्ष 2000 में हुआ था चयन

अंतरिक्ष यात्री के रूप में नासा के बॉब बेह्नकेन (49) और डोग हर्ले का चयन वर्ष 2000 में हुआ था और ये दोनों ही स्पेस शटल के जरिये दो-दो बार अंतरिक्ष में जा चुके हैं। ये नासा के एस्ट्रोनॉट कॉ‌र्प्स के सबसे ज्यादा अनुभवी लोग हैं।

मिशन को डेमो-2 दिया गया नाम

मिशन को डेमो-2 मिशन नाम दिया गया है। डेमो-1 मिशन में ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट से स्पेस स्टेशन पर सफलतापूर्वक सामान पहुंचाया गया था।

स्पेस-एक्स क्या है?

एलन मस्क ने 2002 में स्पेस-एक्स कंपनी शुरू की थी। इस कंपनी के मकसद के बारे में उनका कहना है कि वह मंगल पर इंसानी बस्ती बनाना चाहते हैं। इंसानी बस्ती बनाने के पहले इंसान को मंगल पर पहुंचना होगा। एलन मस्क के मुताबिक, नासा बहुत धीरे काम कर रही है। वह इसे रफ्तार देंगे।

कौन हैं एलन मस्क

स्टार्टअप किंग एलन मस्क का जन्म 28 जून, 1971 को प्रिटोरिया (दक्षिण अफ्रीका) में हुआ था। उनके पिता इंजीनियर थे और मां कनाडियन मॉडल थीं। ओंटारियो स्थित क्वींस यूनिवíसटी में दाखिला लेने के लिए एलन को दक्षिण अफ्रीका छोड़ना पड़ा। एलन ने फिजिक्स और बिजनेस में बैचलर डिग्री हासिल की, जिसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए वह स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी चले गए। एलन ने जिप-2 नाम से एक कंपनी बनाई जो ऑनलाइन पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर बनाती थी। इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल मीडिया इंडस्ट्री करती थी।

30 साल की उम्र में अकूत दौलत के मालिक

एलन ने 1999 में अपनी कंपनी जिप-2, कंप्यूटर बनाने वाली कंपनी कॉम्पैक को बेच दी और 30 साल की उम्र में ही वे 300 मिलियन डॉलर (तकरीबन 20 अरब रुपये) से भी ज्यादा संपत्ति के मालिक बन गए। साल 2002 में उन्होंने स्पेसएक्स कंपनी की आधारशिला रखी और 2004 में वह मशहूर इलेक्टि्रक कार बनाने वाली कंपनी टेस्ला के सीईओ बन गए।

इंसानों को मंगल पर उतारने का ख्‍वाब

मस्क चाहते हैं कि मंगल पर इंसानों को भेजने में स्पेसएक्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। लॉस एंजेल्स में रहने वाले एलन मस्क के पास यूएस, कनाडा और साउथ अफ्रीका की नागरिकता है। एलन ने तीन शादियां की हैं और उनके पांच बच्चे हैं। मस्क ने जब मंगल ग्रह की कक्षा में अपनी कंपनी स्पेस एक्स के फॉल्कन हैवी राकेट को लांच करने से जुड़ी योजना का खुलासा किया तो लगभग हर व्यक्ति ने उन्हें सनकी और पागल कहा था।

Posted By: Krishna Bihari Singh

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