प्योंगयांग, एजेंसी/रॉयटर्स। नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की तानाशाही के बारे में अक्सर लोग सुनते रहते हैं। तानाशाह किम को एक क्रुर शासक के तौर पर जाना जाता है। किम को इतना क्रुर कहा जाता है कि वो अपने रिश्तेदारों को भी कठोर से कठोर सजा देने में जरा भी वक्त नहीं लगाता है। 

यदि किसी ने उसके नियम कानूनों के खिलाफ काम किया तो उसका मरना तय माना जाता है फिर चाहे वो तानाशाह के परिवार या खून के रिश्ते वाला ही क्यों न हो। अमेरिका के खोजी पत्रकार बॉब वुडवर्ड की एक किताब इन दिनों खासी चर्चा में है। इस किताब में वुडवर्ड ने कुछ चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। ये किताब दो दिन बाद औपचारिक तौर पर बाजार में बिकने के लिए उपलब्ध होगी।

वुडवर्ड की इसी किताब में नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के भी कुछ कारनामों का जिक्र किया गया है। किताब में वुडवर्ड ने खुलासा किया है कि तानाशाह किम जोंग उन ने जब अपने चाचा जंग सांग थाक का सिर धड़ से अलग करवा दिया था, उसके बाद उन्होंने उसके सिर को चाचा के मृत शरीर के सीने पर रखवाया और अपने अधिकारियों से उसे देखने के लिए कहा। 

इसमें तानाशाह की कैबिनेट के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। वुडवर्ड लिखते हैं कि तानाशाह ने ऐसा अपने शासन में भय पैदा करने के लिए किया था। बिना सिर के शव को देखकर कैबिनेट में शामिल अधिकारियों के पसीने छूट गए थे। किताब में ही लिखा है कि जब ट्रंप को इस बारे में बताया गया तो उन्होंने कहा कि मुझे सबकुछ पता है। 

वुडवर्ड एक खोजी पत्रकार है उन्होंने अमेरिका के वॉटरगेट स्कैंडल का पर्दाफाश किया था, उसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन की सरकार को नुकसान हुआ था। यह कहा जाता है कि किम जोंग-उन ने राष्ट्रपति को देशद्रोह के लिए अपने चाचा जंग सांग थाक को फांसी से मौत की सजा दी थी। मगर फिर दुर्दांत तरीके से उनका सिर धड़ से अलग कर दिया गया।

किम जोंग उन के शासनकाल की शुरुआत में यह माना जाता है कि उनके चाचा जंग ने उनके अधिकार को मजबूत करने में मदद की। लेकिन नॉर्थ कोरिया में सुधार और बहुत सारी चीजों में खुलापन देने के चाचा के मकसद ने किम के मन में संदेह पैदा किया जिसके कारण उनको ये सजा दी गई। ये भी कहा गया कि चाचा के कुछ काम से किम के मन में शक पैदा हुआ था जिसका नतीजा उन्हें सजा-ए-मौत दी गई। 

नॉर्थ कोरिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी KCNA की ओर से बताया गया कि जब किम ने अपने चाचा को इस तरह की सजा दी तो उनके देश में उनकी तुलना एक कुत्ते से भी बदतर और घृणित मानव मैल से की गई थी। मगर किसी ने सार्वजनिक तौर पर ऐसा बोलने की हिम्मत नहीं की क्योंकि उनको तानाशाह के खतरनाक चेहरे के बारे में पता था। उधर हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ने सुझाव दिया है कि वह किम जोंग-उन से प्रभावित हैं। इस बीच गुरुवार सुबह अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्वीट किया कि किम जोंग उन अच्छे स्वास्थ्य में हैं। साथ ही ये भी लिखा कि उसे कभी कम मत समझना।

डोनाल्ड ट्रम्प के बारे में किताब में वुडवर्ड ने लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप किम से प्रभावित थे। इन दोनों की पहली मुलाकात साल 2018 में सिंगापुर में हुई थी। किताब में लिखा है कि श्री ट्रंप ने सोचा था कि सीआईए को पता नहीं है कि प्योंगयांग को कैसे संभालना है। बॉब वुडवर्ड की सनसनीखेज नई किताब ट्रंप को वास्तविकता के लिए फंतासी के रूप में चित्रित करती है। इससे पहले बॉब वुडवर्ड ने साल 2018 में 'फियर: ट्रंप इन द व्हाइट हाउस' किताब लिखी थी, रेज इसी कड़ी में उनकी अगली किताब है। इसको लेकर भी लोगों में खासी उत्सुकता है।  

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