वाशिंगटन, एजेंसी। अमेरिका के वाशिंगटन में बीते शुक्रवार से भारी बर्फबारी के कारण सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सोमवार को भी राज्य के सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहे। स्कूलों में खेलकूद के अभ्यास और अन्य कार्यक्रम भी रद कर दिए गए। भारी बर्फबारी के पूर्वानुमान के बाद गवर्नर जे इंस्ली ने शुक्रवार को ही प्रांत में आपातकाल की घोषणा कर दी थी। इसके साथ ही उन्होंने लोगों को सुरक्षित रहने की भी सलाह दी थी।

सिएटल में गिरी 10 इंच बर्फ
राष्ट्रीय मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को सिएटल के आसपास के क्षेत्र में 10 इंच बर्फ गिरी। बीते 70 सालों में फरवरी में पहली बार इतनी बर्फ गिरी है। सड़कों पर बर्फ जमने के बाद कई मुख्य हाईवे बंद कर दिए गए हैं। सैकड़ों कारें बर्फ में फंसी हैं। बताया जा रहा है कि बर्फबारी की वजह से हवाई और रेल परिवहन पर भी असर पड़ा है। 

दो तिहाई अमेरिका सर्दी की चपेट में 
आर्कटिक से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण दो तिहाई अमेरिका हाड़ कंपाने वाली सर्दी की चपेट में है। अभी हाल में ही कई जगहों पर तापमान माइनस 50 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया था। खराब मौसम को देखते हुए विस्कॉन्सिन, मिशीगन और अलबामा में आपातकाल लागू कर दिया गया था। करीब 1,200 उड़ानें भी रद कर दी गई थी।

ठंड से होती है हिमदाह की बीमारी
ठंड के कारण अस्पतालों में हिमदाह के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इस स्थिति में ठंड के संपर्क में आने वाले अंग की त्वचा के साथ उस हिस्से के टिश्यू क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। यह नासूर का रूप ले सकता है और अंग को काटने तक की नौबत आ सकती है। जानकारों का कहना है कि तापमान इतना नीचे है कि अगर कोई व्यक्ति पांच मिनट भी बाहर रहे तो ठंड के संपर्क में आने वाला अंग हिमदाह का शिकार हो जाएगा। इसका अर्थ है कि उस हिस्से के ऊतक क्षतिग्रस्त हो जाएंगे। वहां नासूर भी बन सकता है।

Posted By: Mangal Yadav

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