वाशिंगटन, एजेंसी| अमेरिका में रूसी दूतावास ने चेतावनी दी है कि विश्व स्तर पर अमेरिका के व्यवहार से परमाणु हथियारों से लैस देशों के बीच सीधे टकराव का खतरा है। मीडिया रिपोर्टों में यह जानकारी दी गई। दूतावास ने अपने टेलीग्राम चैनल पर एक बयान में कहा कि आज संयुक्त राज्य अमेरिका अन्य देशों की सुरक्षा और हितों के संबंध में कार्य करना जारी रखता है, जो परमाणु जोखिम में वृद्धि में योगदान देता है। बयान में कहा गया है कि यूक्रेनी संकट के संदर्भ में रूस के साथ हाइब्रिड टकराव में आगे बढ़ने के लिए अमेरिकी की अप्रत्याशित वृद्धि और परमाणु शक्तियों के प्रत्यक्ष सैन्य संघर्ष से भरा है।

अमेरिका ने हाल में दो समझौतों को वापस लिया

दूतावास ने कहा कि वाशिंगटन ने हाल ही में दो प्रमुख हथियार नियंत्रण समझौतों 1987 इंटरमीडिएट रेंज न्यूक्लियर फोर्सेस संधि और 1992 की खुली आसमान पर संधि को वापस ले लिया है, जिसने भूमि-आधारित मिसाइलों के कुछ वर्गों पर प्रतिबंध लगा दिया है। 1992 की खुली आसमान पर संधि में एक दूसरे के क्षेत्रों पर निगरानी उड़ानों की अनुमति दी है। रूसी दूतावास ने अमेरिका से उन देशों के खिलाफ निराधार आरोप लगाने के बजाय अपनी परमाणु नीति पर करीब से नज़र डालने का आग्रह किया, जिनकी विश्वदृष्टि अमेरिकी लोगों के साथ मेल नहीं खाती है।

जपोरीजिया परमाणु संयंत्र को रूसी सैनिकों द्वारा नुकसान पहुंचाने का आरोप

राजनयिकों ने कहा कि हमारा देश एक परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र के रूप में अपने दायित्वों को ईमानदारी से पूरा करता है और परमाणु जोखिम को कम करने के लिए हर संभव प्रयास करता है। यह बयान तब आया है जब अमेरिका ने मास्को पर दक्षिणी यूक्रेन में जपोरीजिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र को अपने सैनिकों के लिए कवर के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। यूक्रेन में यूरोप के सबसे परमाणु बड़ा संयंत्र पर फरवरी के अंत में रूस के सैन्य अभियान के शुरुआती चरणों के दौरान सैनिकों द्वारा जब्त कर लिया गया था। यह रूसी नियंत्रण के तहत यूक्रेनी कर्मियों के साथ काम करना जारी रखा हुआ है।

उधर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने जपोरीजिया परमाणु संयंत्र को रूसी सैनिकों द्वारा नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसके लिए पश्चिमी देशों से रूस के परमाणु उद्योग पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि रूसी सैनिक या तो जपोरीजिया परमाणु संयंत्र पर गोलाबारी कर रहे हैं या तो इसे यूक्रेन पर हमले के लिए बेस के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।

Edited By: Arun Kumar Singh