वाशिंगटन, एजेंसी। अमेरिका ने एक बार फिर यूक्रेन का साथ देने की बात कही है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि वाशिंगटन यूक्रेन के साथ हमेशा की तरह खड़ा रहेगा क्योंकि रूस यूक्रेन के लोगों को अपने अधीन करने के लिए एक क्रूर युद्ध को अंजाम दे रहा है। उन्होंने कहा कि रूस अब जानबूझकर यूक्रेन के रिहायशी इलाकों पर हमला कर रहा है और मासूम लोगों की जान ले रहा है।

पहले भी लाखों यूक्रेनी लोगों ने गंवाईं थी जान

एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि 90 साल पहले भी सोवियत नीतियों के कारण जानबूझकर होलोडोमर अकाल में लाखों यूक्रेनियन भूख से मर गए थे। ऐसे ही अब रूस यूक्रेन के लोगों को अपने अधीन करने के लिए एक क्रूर युद्ध के तहत मार रहा है। उन्होंने कहा कि लेकिन हम यूक्रेन के साथ खड़े रहेंगे और रूस के इरादों को पूरा नहीं होने देंगे।

1930 में यूक्रेन में पड़ा था सबसे बड़े अकाल 'होलोडोमर' 

1930 के दशक के यूक्रेनी अकाल को "होलोडोमर" के रूप में जाना जाता है, इसने पूर्व सोवियत संघ के अन्य हिस्सों को भी तबाह कर दिया था। इसमें पश्चिमी साइबेरिया, उत्तरी काकेशस, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान में 70 लाख लोग मारे गए थे। व्हाइट हाउस ने कहा कि इस अकाल के दौरान जान गंवाने वाले पुरुष, महिलाएं और बच्चे जोसेफ स्टालिन के शासन की क्रूर नीतियों और जानबूझकर किए गए कृत्यों के शिकार थे। यूक्रेन ने 2006 में भुखमरी को नरसंहार घोषित कर दिया था और कीव ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित किया था।

यूक्रेन में हालात हो रहे सामान्य

यूक्रेन में अब हालात कुछ हद तक सामान्य हो रहे हैं। यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि धीरे-धीरे बिजली बहाल की जा रही है। चार परमाणु संयंत्रों के पुन: चालू होने से लोगों को राहत मिली है, लेकिन युद्ध के सबसे विनाशकारी रूसी हवाई हमलों के बाद लाखों लोग अभी तक अंधेरे में हैं। 

Edited By: Mahen Khanna

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