संयुक्त राष्ट्र, एएफपी। हिंसाग्रस्त सीरिया के चालीस लाख लोगों को मानवीय सहायता एक वर्ष के लिए बढ़ाने के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव को रूस और चीन ने वीटो का इस्तेमाल करके रोक दिया है। फिलहाल सीरिया में मानवीय सहायता संयुक्त राष्ट्र के जांच केंद्रों से होकर पहुंचाई जाती है और इसके लिए बशर अल असद सरकार की अनुमति नहीं लेनी होती है।

13 सदस्यों का मिला था समर्थन

दरअसल, मौजूदा सुविधा की समय-सीमा अगले वर्ष 10 जनवरी को समाप्त हो रही है। इसी अवधि को बढ़ाए जाने के लिए जर्मनी, बेल्जियम और कुवैत ने सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव पेश किया था। इस प्रस्ताव को परिषद के 13 सदस्यों का समर्थन मिला था, लेकिन इस पर रूस और चीन ने वीटो कर इसे रोक दिया। बता दें कि इस संबंध में रूस ने भी एक प्रस्ताव पेश किया था, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के जांच केंद्रों की संख्या को कम करके छह महीने के विस्तार की अनुमति देने की बात कही गई थी।

हालांकि उसके प्रस्ताव को मात्र नौ वोट मिले। रूस, सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद का करीबी और प्रमुख समर्थक देश है। सीरिया में वर्ष 2011 में गृह युद्ध छिड़ने के बाद से रूस ने सीरिया से जुड़े मुद्दों पर 14 बार वीटो का इस्तेमाल किया है।

Posted By: Dhyanendra Singh

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