शिकागो मंदिर हमला साजिश: किशोर हमलावर के घोषणापत्र में भारतीयों को बताया गया 'अमानव', नफरत का खौफनाक खुलासा
किशोर हमलावर के घोषणापत्र में भारतीयों को बताया गया 'अमानव' बताया गया है। वहीं हालांकि, उसकी सेमी-ऑटोमैटिक एआर स्टाइल रायफल जाम हो गई, जिसके बाद उसे वहां से भागना पड़ा।

किशोर के कथित घोषणापत्र में भारतीयों को 'अमानव' बताया गया है
HighLights
शिकागो के मंदिर में राइफल जाम होने से बचा हिंदुओं का जनसंहार
19 वर्षीय नव-नाजी श्वेत वर्चस्ववादी की थी भारतीयों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाने की साजिश
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। अमेरिका के शिकागो में हिंदू मंदिर में एक बड़ा जनसंहार बच गया, जिसकी साजिश 19 साल के किशोर एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस ने रची थी। उसका इरादा रविवार को शिकागो से 70 किमी दूर औरोरा क्षेत्र में एक हिंदू मंदिर में घुसकर भारतीय समुदाय के लोगों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने का था।
किशोर हमलावर के घोषणापत्र में भारतीयों को बताया गया 'अमानव' बताया गया है। वहीं हालांकि, उसकी सेमी-ऑटोमैटिक एआर स्टाइल रायफल जाम हो गई, जिसके बाद उसे वहां से भागना पड़ा। वह घर पहुंचा, इंटरनेट पर उसे ठीक करने का तरीका खोजा। फिर अपने एक सहकर्मी को इस घटना के बारे में बताया।
सहकर्मी ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पैपोराकिस को दोबारा गोलीबारी करने से पहले मंदिर से 10 किमी दूर उसके घर से रविवार को पकड़ लिया गया। इस घटना पर भारत सरकार ने गंभीर चिंता जताते हुए अमेरिकी प्रशासन से पूरी जांच और भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
यह पहली बार है जब भारत सरकार ने अमेरिका में भारतवंशियों के खिलाफ नस्लीय हिंसा और हिंदू-विरोधी साजिश पर आधिकारिक रूप से टिप्पणी की है। अमेरिका के सहायक अटार्नी जनरल हरमीत ढिल्लन ने कहा कि जस्टिस डिपार्टमेंट का सिविल राइट्स डिवीजन इस मामले की जांच करेगा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पैपोराकिस का इरादा श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर में हमला करने की थी। इस मंदिर में छुट्टी के दिन 3,000 से ज्यादा श्रद्धालु आते हैं। साथ ही, रविवार को नवरात्र का पहला दिन होने से अधिक संख्या में श्रद्धालु उमड़े थे।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि आरोपित का सटीक निशाना कौन-सा मंदिर था, इसकी जांच अभी जारी है। बता दें कि दो अक्टूबर 2026 को ओहायो राज्य के रिचमंड हाइट्स स्थित श्री स्वामीनारायण धाम मंदिर में भी तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई थी।
हमले की तैयारी, घर से हथियार और कारतूस बरामद
प्रेट्र के अनुसार, पैपोराकिस इलिनाय के पैलेटाइन इलाके का निवासी है और टैको बेल में कैशियर के रूप में काम करता था। पुलिस ने आरोपित के घर की तलाशी में एक एआर-स्टाइल की राइफल, करीब 300 कारतूस, कई भरी हुई मैगजीन, बाडी आर्मर, सुरक्षा कवच और पेट्रोल के डिब्बे बरामद किए। जांचकर्ताओं को स्वास्तिक चिह्न और श्वेत वर्चस्ववादी विचारधारा से जुड़े दूसरे प्रतीक भी मिले।
पुलिस ने आरोपित से जुड़ा आठ पन्नों का एक कथित घोषणापत्र भी देखा, जिसका शीर्षक “वाय आइ फाट : ए.के.ए. (औरोरा शूटर का घोषणापत्र)” बताया गया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इसमें भारतीय, यहूदी और अश्वेत लोगों के खिलाफ नस्लवादी भाषा तथा बड़े पैमाने पर हत्या की योजना का उल्लेख था।
पैपोराकिस पर आतंकवादी धमकी देने और अवैध रूप से हथियार रखने के आरोप लगाए गए हैं। अदालत ने उसे हिरासत में रखने का आदेश दिया है। उसकी अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होनी है। अमेरिकी न्याय विभाग के नागरिक अधिकार प्रभाग की ओर से भी मामले की जांच किए जाने की बात कही गई है।
भारत ने कहा—नफरत से प्रेरित हिंसा पर हो सख्त कार्रवाई
जागरण ब्यूरो के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि औरोरा क्षेत्र में हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी करने की कथित साजिश की खबरों से भारत गहराई से चिंतित है।
उन्होंने कहा कि साजिश का कथित हिंदू-विरोधी और नस्लवादी स्वरूप, खासकर भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का जिक्र, बेहद परेशान करने वाला है। भारत ने आरोपित की गिरफ्तारी और उस पर लगाए गए आरोपों पर ध्यान देते हुए अमेरिकी अधिकारियों से मामले की पूरी जांच करने, दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की अपेक्षा जताई है।
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने भी इस घटना को बेहद परेशान करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि किसी सभ्य समाज में नस्लवादी हिंसा, हिंदू-विरोधी नफरत और भारत-विरोधी घृणा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। अमेरिकी अधिकारियों ने भी पूजा स्थलों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए मामले की गंभीरता पर जोर दिया है।
भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ नफरत पर बढ़ी चिंता
अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ आनलाइन नफरत और नस्लवादी टिप्पणियों को लेकर हाल के समय में चिंता बढ़ी है। एच-1बी वीजा को लेकर राजनीतिक बहस के बीच भारतीय पेशेवरों पर की गई अभद्र टिप्पणियों और इंटरनेट मीडिया पर चलाए गए घृणास्पद अभियानों की खबरें सामने आती रही हैं।
सितंबर 2026 में व्योमिंग में सिख ट्रक चालक गुरविंदर सिंह पर चाकू से हमला किए जाने और जुलाई में यूटा के एक माल में भारतीय मुस्लिम कर्मचारी पर हमले की घटनाओं को भी दक्षिण एशियाई समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता के संदर्भ में देखा गया है।
सेंटर फार द स्टडी ऑफ आर्गेनाइज्ड हेट की रिपोर्ट के हवाले से दावा किया गया है कि जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच इंटरनेट मीडिया मंच एक्स पर दक्षिण एशियाई विरोधी घृणास्पद पोस्ट में करीब 240 प्रतिशत वृद्धि हुई।
आईएएनएस के अनुसार, इलिनाय से अमेरिकी सांसद राजा कृष्णामूर्ति ने एक्स पर लिखा कि जिस मंदिर में गोलीबारी होनेवाली थी, वहां मेरा परिवार भी पूजा करने गया हुआ था। हमले की खबर सुनकर मैं सन्न रह गया।
उन्होंने भारत विरोधी घृणा और श्वेत वर्चस्ववादी विचारधारा को गंभीर खतरा बताया
हिंदू मंदिर एम्पावरमेंट काउंसिल (एचएमईसी) ने घटना पर गंभीर चिंता जताते हुए अपने नेटवर्क के सभी मंदिरों के लिए एक सुरक्षा परामर्श जारी किया है, जिसमें अधिक सतर्क रहने और तैयारी रखने का आग्रह किया गया है।
फाउंडेशन फार इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज (एफआइआइडीएस) ने भी नस्लवादी साजिश की निंदा की और पैलेटाइन पुलिस विभाग को धन्यवाद दिया।
'कोएलिशन आफ हिंदूज ऑफ नार्थ अमेरिका' (सीओएचएनए) ने एआर-स्टाइल राइफल और सैकड़ों राउंड गोला-बारूद होने की खबरों पर चिंता जताई है।
