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वाशिंगटन, आइएएनएस। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने आगाह किया है कि रूस और चीन अंतरिक्ष में अपनी क्षमताएं बढ़ा रहे हैं। इससे अमेरिका को लेजर हथियारों समेत कई तरह का खतरा बढ़ गया है। लेजर से अमेरिकी उपग्रहों को निशाना बनाया और तबाह किया जा सकता है।

पेंटागन की रक्षा खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन और रूस खासतौर पर अंतरिक्ष में अमेरिका को चुनौती देने के लिए विविध उपायों का विकास कर रहे हैं। सोमवार को जारी इस रिपोर्ट में रूस और चीन के विविध उपग्रह रोधी हथियारों, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों, निर्देशित ऊर्जा हथियारों और काइनेटिक एंटी-सेटेलाइट मिसाइलों का विवरण दिया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी उपग्रहों को नाकाम करने और उन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए रूस और चीन संभावित रूप से लेजर हथियार हासिल करने के प्रयास में जुटे हैं। चीन साल 2020 तक धरती आधारित लेजर हथियार तैनात कर सकता है। यह हथियार अंतरिक्ष में निम्न कक्षा में रहने वाले सेंसर का मुकाबला कर सकता है। जबकि रूस भी इसके विकास में जुटा हुआ है।

खुफिया निगरानी में अहम उपग्रह
'अंतरिक्ष में सुरक्षा की चुनौतियां' शीर्षक से जारी इस रिपोर्ट में अंतरिक्ष में रूस, चीन, ईरान और उत्तर कोरिया की क्षमताओं को परखा गया है। अमेरिकी सेटेलाइट नेविगेशन और हथियारों को साधने के साथ ही उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम, रूस और चीन की सैन्य गतिविधियों की निगरानी ेके अलावा खुफिया जानकारी जुटाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इन उपग्रहों में कई तरह के सेंसर भी लगाए गए हैं जो दुश्मन देशों के मिसाइल परीक्षणों का पता लगाते हैं।

उन्नत सेंसर तैनात करने की तैयारी
ट्रंप प्रशासन अंतरिक्ष में उन्नत सेंसर तैनात किए जाने के बारे में सक्रियता से विचार कर रहा है। यह तैयारी गत महीने जारी की गई मिसाइल रक्षा समीक्षा के तहत की जा रही है।

Posted By: Ravindra Pratap Sing

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