OpenAI के खिलाफ अमेरिका में केस दर्ज, ChatGPT की मदद से पति को जहर देने की साजिश का आरोप
अमेरिका में जेम्स गेट्स ने OpenAI और सैम ऑल्टमैन पर मुकदमा दायर किया है, आरोप है कि उनकी पत्नी ने ...और पढ़ें

ChatGPT पर पति को जहर देने की साजिश में मदद का आरोप
HighLights
जेम्स गेट्स ने OpenAI, सैम ऑल्टमैन पर मुकदमा दायर किया।
पत्नी पर ChatGPT से जहर देने की साजिश रचने का आरोप।
चैटबॉट से जहरीले पौधे 'कनेर' की जानकारी ली गई।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल के बीच इसके दुरुपयोग से जुड़ा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना के रहने वाले जेम्स गेट्स ने सैन फ्रांसिस्को स्थित कंपनी ओपनएआई और उसके सीईओ सैम ऑल्टमैन के खिलाफ सैन फ्रांसिस्को काउंटी सुपीरियर कोर्ट में मुकदमा दायर किया है।
गेट्स का गंभीर आरोप है कि उनकी पत्नी ने ओपनएआई के पॉपुलर चैटबॉट चैटजीपीटी की मदद से उन्हें जहर देकर मारने की साजिश रची थी।
वैवाहिक जीवन में चल रहा था तनाव
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, जेम्स और उनकी पत्नी शेरिल गेट्स के बीच वैवाहिक जीवन में तनाव चल रहा था। इसी दौरान सितंबर 2025 में जेम्स को एक हाथ से लिखा नोट मिला, जिसमें कुछ चीजों और उनकी खुराक की सूची थी और कुछ पर जानलेवा लिखा हुआ था।
नोट के ऊपर सारी बाचतीत मिटा दें और चैटजीपीटी ले लॉग आउट करें जैसे निर्देश भी दर्ज थे। इससे पहले जेम्स रहस्यमयी तरीके से बहुत गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे, जिसमें उन्हें दिल की समस्याएं, अत्यधिक घबराहट, पेट में तेज दर्द और गंभीर कमजोरी महसूस हुई थी।
शिकायत के बाद पुलिस ने 2025 में शेरिल गेट्स पर हत्या की कोशिश और खाने में जहर मिलाने का आरोप लगाया था। हालांकि, अप्रैल में सबूतों की कमी के कारण चार्लोट की राज्य अदालत में अभियोजकों ने उनके खिलाफ मामला वापस ले लिया था।
चैटजीपीटी पर गंभीर आरोप
इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि शेरिल गेट्स घरेलू और पेशेवर काम के अलावा अपनी शादीशुदा जिंदगी की परेशानियां भी चैटजीपीटी के सामने रखती थीं। चैटबॉट ने एक इको चैंबर और एम्पलीफायर की तरह काम करते हुए उनके मन में पति के प्रति अविश्वास और भ्रम को और गहरा कर दिया कि पति उन पर जासूसी कर रहे हैं।
कथित स्क्रीनशॉट के मुताबिक, शेरिल ने चैटजीपीटी से जहरीले पौधे 'कनेर' के बारे में पूछा और यह भी जानकारी चाही कि इसकी कितनी मात्रा जानलेवा हो सकती है।
उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कनेर का पता चल पाएगा? इस पर चैटबॉट ने जवाब दिया था, यह एक बहुत महत्वपूर्ण सवाल है - और आप इसे बिल्कुल सही वजह से पूछ रही हैं।
ओपनएआई और अन्य कंपनियों पर कानूनी शिकंजा
यह मामला एआई चैटबॉट कंपनियों के खिलाफ चल रहे मुकदमों की कड़ी में एक नया अध्याय है। इन कंपनियों पर अक्सर यह आरोप लगता है कि उनके एआई टूल्स यूजर्स के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं या उन्हें हिंसा और आत्महत्या जैसे कृत्यों के लिए प्रेरित करते हैं।
दूसरी ओर, ओपनएआई और अन्य टेक कंपनियों ने हमेशा अपना बचाव करते हुए कहा है कि चैटबॉट द्वारा जनित सामग्री अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अंतर्गत आती है और वे यूजर्स के आपराधिक कृत्यों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं हैं।
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ओपनएआई ने ब्लूमबर्ग को दिए एक बयान में कहा, सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है... हमने संबंधित यूजर को बैन कर दिया है और इस मामले की जांच कर रही कानून प्रवर्तन एजेंसियों को पूरी जानकारी उपलब्ध करा दी है।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।