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ISIS पर अमेरिका का कड़ा प्रहार, सीरिया में आतंकियों के खिलाफ चलाया 'ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक'; कई ठिकाने तबाह

Published: Sun, 11 Jan 2026 05:30 AM (IST)Updated: Sun, 11 Jan 2026 06:50 AM (IST)

अमेरिका ने एक बार फिर सीरीया में आतंकियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) बलों ने सहयोगी ...और पढ़ें

सीरिया में आतंकियों के खिलाफ चलाया 'ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक' (फोटो- रॉयटर)

सीरिया में आतंकियों के खिलाफ चलाया 'ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक' (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. शनिवार के ऑपरेशन में 90 से अधिक सटीक गोलाबारी की गई

  2. 35 से अधिक लक्ष्यों को निशाना बनाया गया और नष्ट किया गया

एएनआई, फ्लोरिडा। अमेरिका ने एक बार फिर सीरीया में आतंकियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) बलों ने सहयोगी बलों के साथ मिलकर ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक के तहत सीरिया भर में आईएसआईएस के कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए।

सेंटकॉम ने एक्सपर एक पोस्ट में जानकारी साझा करते हुए बताया कि ये हमले अमेरिकी समयानुसार दोपहर लगभग 12:30 बजे किए गए। ये हमले ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक का हिस्सा थे।

सेंटकॉम ने बताया कि ये हमले सीरिया भर में ISIS को निशाना बनाकर किए गए थे, जो "हमारे सैनिकों के खिलाफ इस्लामी आतंकवाद को जड़ से खत्म करने, भविष्य में होने वाले हमलों को रोकने और क्षेत्र में अमेरिकी और सहयोगी बलों की रक्षा करने" की हमारी निरंतर प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

आगे बयान मे कहा कि अमेरिका और गठबंधन सेनाएं उन आतंकवादियों का पीछा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं जो संयुक्त राज्य अमेरिका को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।

सेंटकॉम ने अपनी पोस्ट में बताया कि ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक को 19 दिसंबर, 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर शुरू और घोषित किया गया था, जो 13 दिसंबर, 2025 को सीरिया के पल्मायरा में अमेरिकी और सीरियाई बलों पर आईएसआईएस के हमले के सीधे जवाब में था, जिसके बारे में सेंटकॉम ने कहा कि यह एक आईएसआईएस आतंकवादी द्वारा किया गया था और इसके परिणामस्वरूप दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी नागरिक दुभाषिया मारे गए थे।

आगे पोस्ट में कहा गया है कि हमारा संदेश अभी भी स्पष्ट है: यदि आप हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचाते हैं, तो हम आपको दुनिया में कहीं भी ढूंढ निकालेंगे और मार डालेंगे, चाहे आप न्याय से बचने की कितनी भी कोशिश क्यों न करें।

सीएनएन ने बताया कि सैनिकों की पहचान आयोवा के डेस मोइन्स निवासी 25 वर्षीय सार्जेंट एडगर ब्रायन टोरेस टोवर और आयोवा के मार्शलटाउन निवासी 29 वर्षीय सार्जेंट विलियम नथानिएल हॉवर्ड के रूप में हुई है। दोनों आयोवा नेशनल गार्ड के सदस्य थे, जिन्होंने इस वर्ष की शुरुआत में आईएसआईएस को हराने के अमेरिकी अभियान, ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व के तहत लगभग 1,800 सैनिकों को मध्य पूर्व में तैनात करना शुरू किया था।

सीएनएन ने आगे बताया कि एक अमेरिकी अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि शनिवार के ऑपरेशन में 90 से अधिक सटीक गोलाबारी की गई, जिसमें 35 से अधिक लक्ष्यों को निशाना बनाया गया और इसके लिए दो दर्जन से अधिक विमानों का इस्तेमाल किया गया।