डलास, द न्यूयॉर्क टाइम्स। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल के एक हजार दिन पूरे कर लिए हैं। इसके बाद 1001वें दिन डलास में उन्होंने अपने समर्थकों से मन की बात कह डाली। उनका कहना था कि वह जानते हैं कि कैसे राष्ट्रपति बनना है, लेकिन राष्ट्रपति पद पर रहना बेहद बोरिंग है। ट्रंप ने 20 जनवरी, 2017 को अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति रूप में शपथ ली थी। ट्रंप ने डलास के एक स्टेडियम में अपने समर्थकों को संबोधित किया। 

उनके हर बयान पर 20 हजार से ज्यादा समर्थकों से भरा स्टेडियम तालियों से गूंज उठता था। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति होना बहुत आसान है, लेकिन यह बोरिग है। यह कौन चाहता है।' ट्रंप ने बताया कि उनके कार्यकाल के 1001वें दिन ही पश्चिम एशिया में लाखों जिंदगियों को बचाने के लिए युद्ध रोका गया। यह शांति की शुरआत की दिशा में पहला कदम है। अमेरिका के दबाव में ही तुर्की संघर्ष विराम को विवश हुआ और उत्तर सीरिया में अपने सैन्य अभियान को रोक दिया।

ट्रंप ने संघर्ष विराम नहीं करने पर तुर्की पर सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाने का एलान किया था। उन्होंने कहा था कि वह तुर्की की अर्थव्यवस्था को तबाह करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि पांच दिन के संघर्ष विराम की घोषषणा होने पर उन्होंने कहा कि तुर्की पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत नहीं रही।

शासकीय आदेश जारी करने में ट्रंप ने ओबामा को पीछे छोड़ा

ज्यादा समय नहीं हुआ है, जब राष्ट्रपति ट्रंप ने शासकीय आदेश का मजाक उ़़डाया था और इसे सत्ता पर पक़़ड बनाने का तरीका करार दिया था। लेकिन उन्होंने शासकीय आदेश जारी करने के मामले में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को भी पीछे छो़़ड दिया है। ट्रंप अपने करीब तीन साल के कार्यकाल के दौरान 130 शासकीय आदेश जारी कर चुके हैं। जबकि ओबामा ने अपने कार्यकाल के पहले तीन साल में 108 आदेश जारी किए थे। ट्रंप ने फरवरी 2016 में राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान कहा था, 'शासकीय आदेशों पर देश आधारित नहीं हो सकता।' 

Posted By: Sanjeev Tiwari

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