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'चल रहा है क्लाउन शो', ट्रंप पर बरसे ओबामा; नस्लभेदी वीडियो पर दी तीखी प्रतिक्रिया

Published: Sun, 15 Feb 2026 07:21 PM (IST)

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने डोनाल्ड ट्रंप के सोशल मीडिया पर साझा किए गए नस्लभेदी वीडियो पर प्रतिक्रिया दी ...और पढ़ें

चल रहा है क्लाउन शो ट्रंप पर बरसे ओबामा नस्लभेदी वीडियो पर दी तीखी प्रतिक्रिया

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने डोनल्ड ट्रंप के सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किए गए एक नस्लभेदी वीडियो पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। इस वीडियो में ओबामा और पूर्व फर्स्ट लेडी मिशेल ओबामा को बंदरों के शरीर पर दिखाया गया था। ओबामा ने कहा कि अमेरिकी राजनीति में अब शालीनता और सम्मान की भावना कम होती जा रही है।

यह वीडियो 5 फरवरी को ट्रंप के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर शेयर किया गया था। करीब एक मिनट के इस वीडियो में 2020 के चुनाव से जुड़े साजिश के दावे किए गए थे। वीडियो के आखिर में करीब एक सेकंड के लिए ओबामा दंपती के चेहरे बंदरों के शरीर पर दिखाए गए।

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अमेरिका की राजनीति पर ओबामा की टिप्पणी

पॉडकास्ट इंटरव्यू में वामपंथी टिप्पणीकार ब्रायन टेलर कोहेन ने ओबामा से इस मुद्दे पर सवाल किया। जवाब में ओबामा ने ट्रंप का नाम लिए बिना कहा कि ज्यादातर अमेरिकी लोग इस तरह के व्यवहार को परेशान करने वाला मानते हैं।

ओबामा ने कहा, "सोशल मीडिया और टीवी पर एक तरह का क्लाउन शो चल रहा है। पहले लोग सार्वजनिक जीवन में शालीनता और पद का सम्मान रखते थे, लेकिन अब वह भावना खत्म होती दिख रही है।"

'क्लाउन शो' और राजनीति का स्तर

ओबामा ने कहा कि इस तरह की राजनीति का असर आने वाले मिडटर्म चुनावों में दिखेगा और अंत में जवाब अमेरिकी जनता ही देगी। वहीं ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि वे 2020 चुनाव में गड़बड़ी के दावों पर कायम हैं, लेकिन उन्होंने वीडियो के आखिरी हिस्से में दिखाए गए आपत्तिजनक क्लिप को नहीं देखा था।

शुरुआत में व्हाइट हाउस ने इस विवाद को 'फर्जी नाराजगी' बताया, बाद में कहा गया कि यह पोस्ट स्टाफ की गलती से शेयर हुई थी और इसे हटा दिया गया।

मिनेसोटा में इमिग्रेशन कार्रवाई पर भी सवाल

ओबामा ने मिनेसोटा में ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन कार्रवाई की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि संघीय एजेंटों का व्यवहार ऐसा था जैसा पहले तानाशाही देशों में देखा गया है। मिनेसोटा में हफ्तों तक हजारों संघीय एजेंटों, जिनमें इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के अधिकारी भी शामिल थे उन्होंने छापेमारी और गिरफ्तारियां कीं।

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इस दौरान दो लोगों की गोली लगने से मौत भी हुई, जिससे विवाद बढ़ गया। ओबामा ने कहा, "संघीय एजेंटों का ऐसा व्यवहार चिंताजनक और खतरनाक है।"

जनता से उम्मीद

ओबामा ने कहा कि उन्हें उन आम नागरिकों से उम्मीद है जो शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं और कह रहे हैं, 'यह वह अमेरिका नहीं है जिस पर हम विश्वास करते हैं।' उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में भी लगातार और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना उम्मीद की किरण है।

इसी बीच, इमिग्रेशन कार्रवाई को लेकर विरोध बढ़ने के कारण होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की फंडिंग पर विवाद छिड़ गया और आंशिक सरकारी शटडाउन की स्थिति बन गई। डेमोक्रेट्स मांग कर रहे हैं कि ICE की कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव किए जाएं, तभी नई फंडिंग दी जाए।

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