सियोल, एपी। अमेरिका पर दुश्मनी और धमकाने के आरोप लगाते हुए उत्तर कोरिया ने परमाणु परीक्षण फिर शुरू करने की धमकी दी है। उसने कहा कि अस्थायी रूप से बंद सभी गतिविधियों को फिर से शुरू करने पर विचार किया जाएगा। ट्रंप प्रशासन के साथ वार्ता के दौरान उत्तर कोरिया ने परमाणु और लंबी दूरी की मिसाइलों का परीक्षण बंद कर दिया था। उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज एजेंसी केसीएनए ने गुरुवार को बताया कि देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने सत्ताधारी वर्कर्स पार्टी के पोलित ब्यूरो की बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में अमेरिका की दुश्मनी वाले कदमों से मुकाबले के लिए देश की सैन्य क्षमता में तुरंत वृद्धि के लिए नीति निर्धारित की गई। पिछले हफ्ते बाइडन प्रशासन ने उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों को लेकर नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। इसके बाद उत्तर कोरिया ने कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

बता दें कि 2018 में किम जोंग और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली वार्ता हुई थी। उस समय उत्तर कोरिया ने परमाणु और अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षणों पर रोक लगा दी थी। 2019 में ट्रंप और किम की वार्ता में निराशा हाथ लगने के बाद से दोनों देशों में वार्ता रुकी हुई है।

उत्तर कोरिया ने बीते सोमवार को दो बैलिस्टिक मिसाइलें समुद्र में दागी थीं। दो हफ्ते में यह चौथी बार मिसाइल परीक्षण था। दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा कि उत्तर कोरिया की अमेरिका के साथ कूटनीति वार्ता ठहरी हुई है। ऐसे हालात में वह मिसाइल परीक्षण के जरिये अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन कर रहा है। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ आफ स्टाफ ने कहा कि उत्तर कोरिया ने राजधानी प्योंगयांग के इंटरनेशनल एयरपोर्ट के समीप के सुनान इलाके से कम दूरी की दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।

हालांकि अभी यह पता चल नहीं सका कि मिसाइलें कितनी दूर तक गई थीं। वहीं अमेरिकी सेना की हिंद-प्रशांत कमान का कहना है कि मिसाइल से अमेरिका या उसके किसी सहयोगी को कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। जापान के रक्षा मंत्री नाबुओ किशि ने बताया था कि मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर गिरीं। उत्तर कोरिया नववर्ष शुरू होने के बाद से लगातार मिसाइल परीक्षण कर रहा है। उसने गत पांच जनवरी को साल का पहला मिसाइल परीक्षण किया था। इसके बाद उसने 11 जनवरी और फिर 14 जनवरी को मिसाइल परीक्षण किया था।

Edited By: Krishna Bihari Singh