वाशिंगटन (प्रेट्र)। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा मंगल ग्रह को और बेहतर तरीके से समझने के लिए एक नया यान भेजने जा रही है। यह पहला यान होगा जो मंगल के आंतरिक हिस्सों को गहराई से परखेगा। 'इनसाइट' नामक इस यान से लाल ग्रह की आतंरिक बनावट से पर्दा उठ सकेगा। इसे पांच मई को लांच किया जाएगा। यह नवंबर में लाल ग्रह की सतह पर उतरेगा।

नासा के अनुसार, इनसाइट एक प्रकार का लैंडर है जो मंगल की सतह पर उतरेगा। इस अभियान के मुख्य शोधकर्ता ब्रुस बैन‌र्ड्ट ने कहा, 'इनसाइट एक तरह से वैज्ञानिक टाइम मशीन है। यह 4.5 अरब साल पहले मंगल की उत्पत्ति की प्रारंभिक अवस्था के बारे में जानकारी धरती पर भेजेगा। इससे हमें धरती और चंद्रमा समेत सौर मंडलों के दूसरे ग्रहों के बारे में भी यह समझने में मदद मिलेगी कि चट्टानों का निर्माण किस तरह हुआ?' नासा के मुताबिक, मंगल ग्रह को गहराई से परखने से वैज्ञानिक यह जान सकेंगे कि इसकी बाहरी परतें और आतंरिक भाग किस तरह हमारी धरती से भिन्न है? इस अभियान को लेकर सिर्फ नासा ही नहीं बल्कि कई यूरोपीय सहयोगी भी उत्साहित हैं। उन्होंने इनसाइट के लिए कई उपकरणों के माध्यम से अपना योगदान दिया है।

संवेदनशील उपकरणों से लैस है इनसाइट

इनसाइट या इंटीरियर एक्सप्लोरेशन में आंकड़े जुटाने के लिए कई तरह के संवदेनशील उपकरण लगाए गए हैं। इसमें भूकंप मापने के लिए अति संवेदनशील सिस्मोमीटर लगाया गया है। इसे फ्रांस के नेशनल स्पेस सेंटर ने तैयार किया है। जर्मन एयरोस्पेस सेंटर ने एक थर्मल प्रोब तैयार किया है, जो पांच मीटर तक की गहराई में जाकर ग्रह की गर्मी को मापेगा।

मंगल पर मौजूद हैं कई रोवर

नासा मंगल ग्रह से जुड़े रहस्यों को खोजने के लिए पहले भी कई रोवर भेज चुकी है। 'अपॉरच्युनिटी' नाम के रोवर को साल 2003 में भेजा गया था। 'क्यूरियोसिटी' नाम के रोवर को साल 2011 में लांच किया गया था। ये दोनों अब भी संचालित किए जा रहे हैं।

Posted By: Monika Minal

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