वाशिंगटन, एएनआइ। नासा के वैज्ञानिकों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। वैज्ञानिकों ने रहने योग्य वातावरण वाला पृथ्वी के आकार का पहला ग्रह खोज निकाला है, जहां तरल पानी मौजूद है। इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि यह ग्रह हमारे सौर मंडल के करीब ही है।

ग्रहों को तलाशने वाली नासा टीईएसएस (TESS) विंग ने पृथ्वी के आकार के इस ग्रह की खोज की है। नासा ने होनोलूलू में अमेरिकन एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी की बैठक के 235 वें संस्करण के दौरान इस बात की घोषणा की। नासा ने बताया कि यह ग्रह एक तारे टीओआई 700 (TOI 700) की परिक्रमा कर रहा है, जो की हमसे 100 प्रकाश वर्ष से अधिक दूर नहीं है।

यह ग्रह तारे की परिक्रमा करने वाले तीन ग्रहों में से एक है और सतह पर पानी की क्षमता को धारण करने के लिए अपने तारे से आदर्श दूरी पर भी है। अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के स्पिट्जर स्पेस टेलीस्कोप (Spitzer Space Telescope) की मदद से ही खगोलविदों ने ग्रह की क्षमता को सुनिश्चित किया है।

वैज्ञानिकों ने इसस ग्रह को 'TOI 700 d' नाम दिया है। यह ग्रह बाकी दोनों ग्रहों की तुलना में अपने तारे के बाहरी कक्षा में चक्कर लगा रहा है। ये न तो बहुत ज्यादा दूर है और न ही बहुत ज्यादा नजदीक। ग्रह उतनी दूरी पर है जहां द्रव हालात में पानी मौजूद हो सकता है। अन्य दोनों ग्रहों में से एक जो तारे के सबसे करीब है, वह पथरीला है और दूसरा ग्रह गैसीय अवस्था में है।

बता दें कि नासा के मुताबिक ये पृथ्वी से 20 फीसदी ज्यादा बड़ा है और 37 दिनों में अपने तारे का चक्कर लगा लेता है। पृथ्वी को सूरज से जितनी ऊर्जा मिलती है उसके मुकाबले इश ग्रह को अपने तारे से 86 फीसदी ऊर्जा मिलती है। अब तक ये पता नहीं चल पाया है कि यह ग्रह किस चीज का बना है। शोधकर्ता अभी डी के वातावरण और सतह के तापमान और बनावट को लेकर मॉडल तैयार कर रहे हैं।

Posted By: Manish Pandey

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस