वाशिंगटन, एएफपी। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का कहना है कि आर्टेमिस मिशन 2024 में जब अंतरिक्ष यात्री दोबारा से चंद्रमा पर जाएंगे तब वे वहां चलने में वैसा ही महसूस करेंगे जैसा पृथ्वी पर करते हैं। यह मुमकिन होगा नासा द्वारा विकसित किए गए नए सिंगल साइज फ्लेक्सिबल स्पेस सूट से।

गत दिवस नासा की ओर से दो नए स्पेस सूट प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें से एक सफेद, नीले और लाल रंग के मिश्रण वाला सूट है, जिसका नाम एक्स्ट्रा वेहुकुलर मोबिलिटी यूनिट (एक्सईएमयू) नाम दिया गया है। दूसरा सूट संतरे के रंग का यानी भगवा रंग का है, इसका नाम ‘ओरियन क्रू सर्वाइवल सूट’ रखा गया है। भगवा रंग का सूट पहनकर अंतरिक्ष की यात्रा की जाएगी और एक्सईएमयू सूट चांद पर चहलकदमी के लिए पहना जाएगा। इस सूट की खासियत है कि इसे सिंगल साइज डिजाइन में बनाया गया है। इसे किसी भी कद का अंतरिक्ष यात्री पहन सकता है। यह सूट हर साइज में फिट हो जाता है।

नासा की स्पेससूट इंजीनियर क्रिस्टीन डेविस ने इस सूट के प्रोटोटाइप माडल को पहनकर उसे प्रदर्शित किया। इस दौरान नए सूट के लचीलेपन, दबाव आदि को प्रदर्शित किया गया। यह सूट अंतरिक्ष यात्री की चांद की सतह पर जटिल कार्य करने में मदद करेगा साथ ही कठोर वातावरण में उनकी सुरक्षा करेगा। इस सूट को कमर से भी मोड़ा जा सकता है। यह सुविधा पहले के सूट में उपलब्ध नहीं थी।

छह दिन का लाइफ सपोर्ट सिस्टम

नासा के सफेद, नीले रंग के इस सूट में ऐसा लाइफ सपोर्ट सिस्टम लगा है जो अंतरिक्ष यात्रियों को छह दिन तक जीवित रख सकता है। इसके साथ ही यह सूट असीमित मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड को सोख सकता है और उसे अंतरिक्ष में छोड़ सकता है। जबकि पहले इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं थी। नासा द्वारा बनाया गया नारंगी रंग का सूट भारत के गगनयान मिशन के यात्रियों के लिए बनाए गए स्पेस सूट से प्रेरित है।

महत्वपूर्ण है आर्टेमिस मिशन

नासा अपने आर्टेमिस मिशन के तहत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव में उतरने की योजना बना रहा है। 2009 में इसरो के चंद्रयान-1 द्वारा चांद की सतह पर खोजे गए पानी का पता लगाने की नासा की योजना है।

Posted By: Sanjay Pokhriyal

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