NASA के आर्टेमिस-2 मिशन पर लगेगा ब्रेक? जानिए WB-57 जेट क्रैश होने से कितना हुआ नुकसान
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का WB-57 रिसर्च प्लेन लैंडिंग गियर फेल होने से टेक्सास में क्रैश हो गया था। यह ...और पढ़ें

WB-57 के क्रैश होने से आर्टेमिस-2 मिशन पर असर (फोटो-X)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) का रिसर्च प्लेन WB-57 हाल ही में लैंडिंग गियर के फेल होने से क्रैश हो गया। टेक्सास के ह्यूस्टन में एलिंगटन एयरपोर्ट पर इस प्लेन की बैली लैंडिंग कराई गई।
डब्ल्यूब-57 से रनवे पर फिसलते समय प्लेन से आग और धुआं निकलता दिखाई दिया। नासा ने इस हादसे के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्लेन में मौजूद दोनों क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं।
WB-57 के क्रैश होने से नासा के आर्टेमिस-2 मिशन पर क्या असर पड़ेगा। इस प्लेन के क्रैश होने से स्पेस एजेंसी को कितना नुकसान हुआ है, आइए जानते हैं।
क्या नासा का मिशन हो गया फेल?
नासा डब्ल्यू-57 का उपयोग वायुमंडलीय और पृथ्वी विज्ञान रॉकेट लॉन्च, री-एंट्री की निगरानी, कॉस्मिक डस्ट कलेक्शन और सूर्य ग्रहण जैसे खगोलीय अध्ययनों के लिए करता रहा है।
आर्टेमिस-2 मिशन के दौरान WB-57 एग्जॉस्ट और उड़ान गतिविधियों पर नजर रखने वाला था। नासा अभी भी परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है। सभी परिस्थितियों के सही रहने पर आर्टेमिस-2 की लॉन्चिंग 6 फरवरी को हो सकती है।
आर्टेमिस मिशन का लक्ष्य 1972 के बाद पहली बार इंसानों को चांद के आसपास भेजना है। इसके न होने से नासा को कम डाटा और सीमित रियल-टाइम एनालिसिस पर निर्भर रहना पड़ेगा।
मिशन के फेल होने से कितना नुकसान?
WB-57 के क्रैश होने के बाद भी नासा अपने मिशन से पीछे नहीं हटा है। इसके न होने से फिलहाल वायुमंडल का अध्ययन, अर्थ ऑब्जर्वेशन, भविष्य के रॉकेट टेस्ट सपोर्ट अस्थायी रूप से प्रभावित होंगे।
यह हादसा हाई-एल्टीट्यूड रिसर्च प्रोग्राम के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि आज के समय में इनका विकल्प उपलब्ध नहीं है।डब्ल्यूबी-57 विमान के बाहर होने से नासा को जमीन आधारित सेंसर या सैटेलाइट डेटा पर निर्भर रहना होगा, जो कि हर एंगल से हर सेकंड कवर नहीं कर पाते।
