'तुम आतंकवादी हो...', अमेरिका में मोहम्मद यूनुस का विरोध; बांग्लादेशी प्रवासियों ने घेरा
नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस को न्यूयॉर्क के JFK हवाई अड्डे पर बांग्लादेशी प्रवासियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा।
HighLights
मोहम्मद यूनुस को न्यूयॉर्क हवाई अड्डे पर विरोध का सामना।
प्रवासियों ने यूनुस पर हिंसा, लोकतंत्र को नुकसान के आरोप लगाए।
बांग्लादेश सरकार ने विरोध करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। बांग्लादेश की पूर्व अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को न्यूयॉर्क के जॉन एफ. कैनेडी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बांग्लादेशी प्रवासियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। सोमवार को जब वह हवाई अड्डे पहुंचे, तो प्रवासियों के एक समूह ने उन्हें घेर लिया और गंभीर आरोप लगाए।
कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन्हें आतंकवादी कहा और उन पर कुछ लोगों की जान लेने तथा लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए। मुख्य सलाहकार पद से हटने के बाद यूनुस की यह पहली विदेश यात्रा है।
इस बीच बांग्लादेश सरकार के सलाहकार जाहिद उर रहमान ने स्पष्ट किया है कि ढाका इस मामले में विरोध करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।
हवाई अड्डे पर तीखी नोकझोंक
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब यूनुस कतर एयरवेज की उड़ान से दोहा होकर टर्मिनल 8 पहुंचे। जब उन्हें व्हीलचेयर पर बाहर लाया जा रहा था, तब भीड़ ने वापस जाओ के नारे लगाए और तीखे सवाल किए। एक प्रदर्शनकारी ने चिल्लाते हुए कहा कि उन्होंने लोगों की हत्या की है और पूछा कि वह अमेरिका क्यों आए हैं।
प्रदर्शनकारियों ने यूनुस पर हजारों पुलिसकर्मियों की मौत का जिम्मेदार होने और करीब दो लाख लोगों की गिरफ्तारी कराने का भी आरोप लगाया। हंगामे को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत यूनुस और उनकी सहयोगी लामिया मोर्शेद को वापस हवाई अड्डे के अंदर पहुंचाया।
रिपोर्टों में प्रदर्शनकारियों को अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग का समर्थक बताया गया है, हालांकि यूनुस की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
कानून-व्यवस्था की नाकामी के आरोप
न्यूयॉर्क में दिखा यह आक्रोश मुख्य रूप से अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद बांग्लादेश में फैली अशांति और हिंसा को लेकर है। आलोचकों और राजनीतिक विरोधियों का आरोप है कि अंतरिम सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही।
अवामी लीग का कहना है कि उनके कार्यकर्ताओं और नेताओं को हिंसा का निशाना बनाया गया। इसके साथ ही कई प्रमुख लोगों की हत्याओं और देश भर में फैली अशांति ने प्रशासन की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।
अंतरिम सरकार के दौरान मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर भी चिंताएं सामने आईं। हिंदू समुदाय और उनके धर्मस्थलों पर हमलों, मनमाने ढंग से की गई गिरफ्तारियों और हिरासत में होने वाली मौतों को लेकर मानवाधिकार संगठनों ने जवाबदेही की मांग की।
इसके अलावा जनवरी 2026 में जारी एक अध्यादेश के तहत 2024 के विद्रोह में शामिल लोगों के खिलाफ नियमित पुलिस जांच पर रोक लगा दी गई थी। पुलिसकर्मियों की मौत से जुड़े मामलों को भी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को भेज दिया गया, जिसे अपराध के मामलों को सामान्य कानूनी प्रक्रिया से भटकाने वाला कदम माना गया।
भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ाई तल्खी
यूनुस के कार्यकाल में भारत और बांग्लादेश के कूटनीतिक रिश्तों में भी भारी गिरावट आई। मार्च 2025 में चीन यात्रा के दौरान भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पर उनकी टिप्पणियों और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर दोनों देशों के बीच तल्खी बढ़ी, जिस पर भारत ने संयम बरतने की सलाह दी थी।
इसके अलावा यूनुस और उनके ग्रामीण ग्रुप के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच की मांग भी उठ रही है। न्यूयॉर्क हवाई अड्डे की यह घटना दर्शाती है कि बांग्लादेश के अशांत दौर का नेतृत्व करने वाले यूनुस को लेकर प्रवासी समुदाय के एक हिस्से में अभी भी गहरा असंतोष मौजूद है।
