वाशिंगटन (एएनआई)। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि एल्युमीनियम और स्टील आयात पर ग्लोबल टैरिफ लगाने का ट्रंप का निर्णय गलत है साथ ही यह भी कहा कि फ्रांस कॉमर्शियल वॉर नहीं चाहता है। आपको बता दें कि वे तीन दिन के लिए वाशिंगटन दौरे पर हैं।

वाशिंगटन स्थित कैपिटॉल हिल स्थित कांग्रेस को संबोधित करते हुए मैक्रों ने कहा कि, कॉमर्शियल वॉर हमारे आज तक के इतिहास में नहीं है। वैश्विक सुरक्षा के लिए हम हमेशा से प्रतिबद्ध हैं। आखिरकार ये रोजगार खत्म करेगा, महंगाई बढ़ाएगा और इससे मध्यमवर्गीय परिवारों पर इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा।

पिछले साल पेरिस समझौते से बाहर निकलने के ट्रंप के फैसले के बारे में मैक्रों ने टिप्पणी करते हुए मैक्रों ने कहा कि उन्होंने ट्रंप को अपने निर्णय वापस लेने के लिए फुसलाने की कोशिश की थी। मैक्रों ने यह भी कहा कि क्लाइमेट चेंज एक ग्लोबल इश्यु है।

मुझे विश्वास है कि एक दिन अमेरिका वापस पेरिस समझौते को मान लेगा। और मुझे पूरा विश्वास है कि हम साथ मिलकर पर्यावरण के लिए वैश्विक स्तर पर काम करेंगे। मैं अपने आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य निर्माण करने में विश्वास रखता हूं। जिसके लिए उन्हें स्वस्थ और हरा-भरा वातावरण देना अति आवश्यक है।

ग्रीन हाउस गैस के प्रभाव से और समुद्री प्रदूषण के साथ हम हरियाली को नष्ट कर रहे हैं। हमें इसका सामना करना होगा। क्योंकि हमारे पास कोई दूसरा ग्रह विकल्प के तौर पर नहीं है। मैक्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति को फेक न्यूज के खिलाफ भी लड़ाई करने को कहा, उन्होंने इसे देश के लिए एक बड़ी समस्या बताया। उन्होंने आगे कहा कि बिना किसी कारण के, किसी विश्वास-भरोसे के कोई लोकतंत्र नहीं हो सकता है। क्योंकि लोकतंत्र पसंद और स्वतंत्र निर्णय लेन का नाम है। सूचनाओं का भ्रष्टाचार हमारे लोकतंत्र को नष्ट कर देगा।

वाशिंगटन और पेरिस के बीच खास संबंधों पर प्रकाश डालते हुए मैक्रों ने कहा, ये समय साहस दिखाने का है। जिन्हें हम लगाव रखते हैं वह खतरे में है। हमारे पास कोई और रास्ता नहीं है बजाय इसके लिए लड़ने के और हमें साथ में मिलकर लड़ना होगा। उन्होंने अंत में ये भी कहा कि फ्रांस और अमेरिका की दोस्ती ऐसे ही लंबे समय तक कायम रहे।

अमेरिकी नेताओं को चेतावनी देते हुए मैक्रों ने कहा कि राजनीतिक भय और गुस्से से केवल लोगों में विभाजन पैदा करेगा। अमेरिका और यूरोप में दोनों जगह इस समय ये माहौल है। आप एक बार के लिए भय और गुस्से से लड़ सकते है लेकिन इससे कोई काम नहीं बनने वाला है। 

2015 के इरान परमाणु समझौते का बचाव करते हुए मैक्रों ने आगे कहा कि इरान के पास कभी भी कोई परमाणु हथियार नहीं रहा। उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम की नीति को मध्यपूर्व में हमें युद्ध करने के लिए नहीं उकसाना चाहिए। हमें किसी भी देश या राष्ट्र की संप्रभुता की स्थायित्व और सम्मान के लिए सुन्शिचित करना चाहिए। इसलिए हमें पुरानी गलतियों को फिर से नहीं दोहराना चाहिए। हमें अपने चारों तरफ दीवार नहीं खड़ी करनी चाहिए।

संयुक्त प्रेस काफ्रेंस में मैक्रों ने अपने तीन दिवसीय दौरे पर कहा कि फ्रांस 2025 तक इरान के साथ नया परमाणु समझौता करने का इच्छुक है। आगे कहा कि वे मध्यपूर्व में तेहरान के प्रभाव के मद्देनजर परमाणु कार्यक्रम पर कुछ प्रतिबंध लगाना चाहते हैं।

आपको बता दें कि इरान परमाणु समझौता छह देशों के बीच हुआ है ये हैं- इरान, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, रूस, फ्रांस औऱ चीन। इसके तहत तेहरान से आर्थिक प्रतिबंध को हटाए जाने की योजना है जिसके बदले परमाणु समझौत पर कुछ प्रतिबंध लगाए जाने की योजना है। फ्रेंच राष्ट्रपति ने युद्धग्रस्त सीरिया में शांति स्थापना के लिए अंतरराष्ट्रीय समझौता बनाने का भी दबाव डाला। उन्होंने आगे कहा कि आने समय तक सीरिया के लिए हल निकाल लेंगे।

Posted By: Srishti Verma