'तेल प्रतिबंध हटाएंगे...', युद्ध के बीच बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने की कोशिश में ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कुछ ...और पढ़ें
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ट्रंप पर तेल की कीमतों पर काबू पाने का दबाव। (फाइल)

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ईरान युद्ध के बीच कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। इन बढ़ती हुई कीमतों को कम करने के लिए वो 'कुछ तेल बैन' हटाएंगे।
ट्रंप ने कहा, "हम कीमतें कम करने के लिए तेल से जुड़े कुछ बैन भी हटा रहे हैं। जब तक यह ठीक नहीं हो जाता, हम ये सेंक्शन हटा देंगे।"
इसके अलावा उन्होंने ईरान पर बड़े हमले की धमकी दी और कहा कि अगर उसने तेल की सप्लाई रोकी तो मैं किसी आतंकवादी सरकार को दुनिया को बंधक बनाने और दुनिया की तेल सप्लाई रोकने की कोशिश नहीं करने दूंगा। और अगर ईरान ऐसा कुछ करता है, तो उन्हें बहुत, बहुत ज्यादा नुकसान होगा।
ट्रंप पर तेल की कीमतों पर काबू पाने का दबाव
ट्रंप पर ईरान के साथ युद्ध के कारण बढ़ी तेल की कीमतों पर काबू पाने का दबाव बढ़ रहा है, लेकिन उनके पास इस समस्या को हल करने के लिए कम ऑप्शन हैं, जो ग्लोबल इकॉनमी को हिला रही है और देश में राजनीतिक जोखिम उठा रही है।
युद्ध खत्म होने के बाद कम हो जाएंगे दाम- ट्रंप
उन्होंने तर्क दिया है कि यह बढ़ोतरी एक "शॉर्ट-टर्म" समस्या होगी जो युद्ध खत्म होने के बाद कम हो जाएगी, हालांकि इस साल के आखिर में होने वाले US मिडटर्म चुनावों से पहले ही बढ़ती गैसोलीन की कीमतें वोटर्स को प्रभावित कर रही हैं, जहां इकॉनोमी की हालत का बड़ा रोल होने की उम्मीद है।
तेल की कीमतों में यह उछाल मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए समुद्री ट्रैफिक के लगभग ठप होने की वजह से हुआ है। यह एक जरूरी खाड़ी जलमार्ग है जो दुनिया के लगभग पांचवें कच्चे तेल को ले जाता है।
