बाइनेंस से 6.3 अरब डॉलर की चोरी के पीछे उत्तर कोरियाई हैकर्स, एफबीआई का दावा
बाइनेंस क्रिप्टो एक्सचेंज पर हुए अब तक के सबसे बड़े साइबर हमले में उत्तर कोरियाई हैकर्स ने 6.3 अरब डॉलर चुरा लिए। एफबीआई ने 'ट्रेडरट्रेटर' समूह को जिम्मेदार ठहराया।

क्रिप्टो इतिहास का सबसे बड़ा डाका (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)
HighLights
बाइनेंस पर 6.3 अरब डॉलर का सबसे बड़ा साइबर हमला।
एफबीआई ने उत्तर कोरियाई हैकर्स 'ट्रेडरट्रेटर' को दोषी बताया।
बाइनेंस ने अपने फंड से 95% चोरी की राशि लौटाई।
डिजिटल डेस्क, न्यूयार्क। दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज 'बाइनेंस' पर हुए अब तक के सबसे खतरनाक और इतिहास के सबसे बड़े साइबर हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। महज 20 मिनट के भीतर हुए इस सनसनीखेज डिजिटल डाके में 6.3 अरब डॉलर (लगभग 52 हजार करोड़ रुपये) की भारी-भरकम राशि चुरा ली गई।
अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने इस खतरनाक हमले के पीछे उत्तर कोरियाई हैकर्स के एक कुख्यात समूह 'ट्रेडरट्रेटर' का हाथ होने की आधिकारिक पुष्टि की है। जांच के अनुसार, इसी समूह ने पिछले साल 1.5 अरब डॉलर के बायबिट हमले को भी अंजाम दिया था।
एफबीआई ने बताया कि यह पूरी वारदात इंटरनेट की गति से हुआ एक अत्याधुनिक बैंक डाका थी, जिसे केवल 20 मिनट के भीतर अंजाम दिया गया। हैकर्स ने चुराए गए डिजिटल फंड को एथेरियम और 'इंस्टंट स्वैप' सेवाओं के जरिये ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभी यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि इसके पीछे सीधे तौर पर उत्तर कोरिया का ही हाथ है। स्थिति स्पष्ट होने पर इस पर बात की जाएगी। दूसरी ओर, ब्लाकचेन विशेषज्ञ इसे इंटरनेट की गति से हुआ एक अत्याधुनिक बैंक डाका मान रहे हैं।
संकट से निपटने की तत्परता, 95% राशि की भरपाई
रॉयटर के अनुसार, इस गंभीर संकट के बीच बाइनेंस ने असाधारण वित्तीय दृढ़ता और तत्परता दिखाते हुए अपने ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। एक्सचेंज ने कंपनी के कोष 'एसएएफयू' फंड, फ्यूचर्स इंश्योरेंस फंड और कारपोरेट ट्रेजरी से पैसे निकालकर लगभग 95 प्रतिशत (यानी करीब छह अरब डॉलर) नुकसान की भरपाई खुद अपने पास से कर दी है।
इसके साथ ही, बिटकाइन, एथेरियम, एक्सआरपी और डागकाइन सहित 15 प्रमुख क्रिप्टो एसेट्स (डिजिटल संपत्तियों) के लिए रविवार से चरणबद्ध तरीके से विड्राल (निधि निकासी) सेवाएं फिर से बहाल कर दी गई हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की मदद और वैश्विक चिंताएं
बाइनेंस के सह-संस्थापक चांगपेंग झाओ और कंपनी के नेतृत्व ने त्वरित मदद और लगभग तीन अरब डॉलर के फंड को फ्रीज कराने और रिकवरी में महत्वपूर्ण सहयोग के लिए अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों और एफबीआइ का आभार जताया है।
हालांकि, उत्तर कोरिया ने हमेशा से इस प्रकार की वित्तीय चोरियों में अपनी किसी भी संलिप्तता से इन्कार किया है, लेकिन 33.5 करोड़ पंजीकृत यूजर्स वाले इस मंच पर हुई इस ताजा घटना ने वैश्विक स्तर पर डिजिटल संपत्तियों की सुरक्षा और ब्लाकचेन प्लेटफार्मों की संवेदनशीलता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। (समाचार एजेंसी एपी के इनपुट के साथ)
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