संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेंगे ईरानी राष्ट्रपति, अमेरिका ने होटल से बाहर जाने पर लगाई रोक
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क पहुंचे हैं, जहां अमेरिका ने उन पर कड़ी ...और पढ़ें
-1790076683442_m.webp)
ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान UNGA में, अमेरिका ने आवाजाही पर लगाई रोक।(फोटो-रॉयटर्स)
HighLights
ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान UNGA में, अमेरिका ने आवाजाही पर लगाई रोक।
पेजेश्कियान न्यूयॉर्क में होटल और UN मुख्यालय तक ही सीमित रहेंगे।
ईरान आत्मरक्षा का तर्क देगा, अमेरिका-ईरान तनाव बना रहेगा।
डिजिटल डेस्क, न्यूयार्क। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक के दौरान ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा गतिरोध एक बार फिर केंद्र में आ गया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान जहां एक ओर UNGA में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हैं तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने इस दौरान पेजेश्कियान पर कड़ी पाबंदी लगा दी हैं।
ईरानी राष्ट्रपति की आवाजाही सीमित
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, 'पिछले सात महीनों से अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के चलते राष्ट्रपति पेजेश्कियान को न्यूयॉर्क में रहने के दौरान सख्त प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। वह अपने मैनहट्टन स्थित होटल और UN मुख्यालय के अलावा न्यूयॉर्क में कहीं भी स्वतंत्र रूप से नहीं घूम सकेंगे। अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा लागू किए गए नियमों के तहत उन्हें किसी भी अन्य स्थान पर जाने या खरीदारी करने की विशेष अनुमति की आवश्यकता होगी।
आत्मरक्षा का तर्क देगा ईरान
इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के विशेषज्ञ रिचर्ड गोवन के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेश्कियान अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने यह पक्ष रखेंगे कि ईरान अमेरिकी और इजरायली आक्रामकता का शिकार रहा है और उसके द्वारा उठाए गए सभी कदम आत्मरक्षा में थे।
इसके साथ ही ईरानी प्रतिनिधिमंडल न्यूयॉर्क में अमेरिकी और यूरोपीय थिंक-टैंक के विश्लेषकों से भी मुलाकात की कोशिश कर रहा है। हालांकि, कुछ विश्लेषकों ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत करने के बारे में चिंता व्यक्त की है क्योंकि अमेरिकी प्रतिबंध तेहरान के साथ कुछ तरह की बातचीत को सीमित करते हैं।
तनाव के एक साल बाद दौरा
ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन का दौरा तनाव बढ़ने के एक साल बाद हो रहा है। पिछले साल ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाकर अमेरिका और इजराइल द्वारा 12 दिनों तक की गई बमबारी के कुछ महीनों बाद उन्होंने UN को संबोधित किया था।
इस साल ईरान के राष्ट्रपति का दौरा ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही में बाधा डालने को लेकर जारी अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच हो रहा है।
ट्रंप का कड़ा रुख और वार्ता की अनिश्चितता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए उस पर कड़े आरोप लगाए हैं। ट्रंप का कहना है कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे। हालांकि, ट्रंप ने पेजेश्कियान से मुलाकात की इच्छा भी जताई है।
UN के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और कई राजनयिकों का मानना है कि इस वैश्विक सम्मेलन के दौरान किसी बड़े कूटनीतिक समझौते की संभावना बेहद कम है और दोनों देशों के बीच कोई भी गंभीर बातचीत भविष्य में ही संभव हो पाएगी।
